बिकरू कांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे के मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए पत्नी नगर निगम पहुंची। यहां उन्होंने पंजीकरण कार्यालय में इसके लिए आवेदन किया। वहीं, नगर निगम कर्मियों ने सचेंडी थाने की रिपोर्ट मांगी।
कानपुर के एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए गुरुवार को उसकी पत्नी रिचा दुबे नगर निगम मुख्यालय पहुंची। जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालय में इसके लिए आवेदन किया। लेकिन कर्मचारियों ने सचेंडी थाने से रिपोर्ट लेकर आने की बात कह कर उन्हें लौटा दिया।
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बिकरू कांड से चर्चा में आए 52 वर्षीय कुख्यात बदमाश विकास दुबे 10 जुलाई 2020 को सचेंडी थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ था। लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र की इंद्रलोक कालोनी निवासी विकास की पत्नी रिचा दुबे दोपहर में नगर निगम मुख्यालय स्थित जन्म, मृत्यु पंजीकरण कार्यालय पहुंची।
वहां अपने पति का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन किया। बता दें कि पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दहशतगर्द विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे को थाने से कोई कागजात न भेजने के चलते उन्हें बिना प्रमाणपत्र के ही लौटना पड़ा।
बिकरू गांव में दो जुलाई 2020 की रात पुलिस ने गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश दी थी। विकास व उसके गुर्गों ने पुलिस टीम पर हमला कर सीओ बिल्हौर और एसओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी।