कानपुर देहात। जनपद में मई महीने से वाहनों की फिटनेस का जिम्मा एटीएस (स्वचालित परीक्षण स्टेशन) सेंटर को दे दिया गया है। पहले महीने ही यहां आने वाले 503 वाहनों में 80 को फेल कर दिया गया है। यह स्थिति तब है जब वाहनों को स्टेशन में जाने से पहले देख खामियां बता दुरुस्त कराने को कहा जा रहा है।
सड़कों पर बिना फिटनेस के सैकड़ों वाहन फर्राटा भरते रहे हैं। जो वाहन एआरटीओ कार्यालय पहुंचते थे। वह बाबू को समझ कर वाहन की फिटनेस करवा लेते थे। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जिले में एटीएस स्टेशन की शुरूआत की गई है। यहां वाहनों की जांच स्वचालित परीक्षण से किया जाता है।
फिटनेस के लिए हल्के वाहनों को 908 रुपये व भारी वाहनों को 1380 रुपये की फीस ऑनलाइन जमा करनी होती है। स्टेशन में फेल होने पर दूसरे दिन जाने पर दोबारा से फीस जमा करनी पड़ती है। यहां एक दिन में सौ वाहनों का स्लाट बुक किया जाता है। एटीएस में आने वाले वाहन तीन दफा फेल हो जाते हैं, तो उन्हें छह महीने के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया जाता है। स्टेशन में बीते महीने में आने वाले वाहनों में 423 वाहन की पास हो सके। वहीं जून में 19 तारीख तक करीब 200 वाहनों में 30 वाहन रिजेक्ट कर वापस कर दिए गए।
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इस तरह की निकल रहीं खामियां
फिटनेस के लिए पहुंचने वाले वाहनों ज्यादातर व्यवसायिक वाहन हैं, जिनमें खामियां पाई जा रही है। कोई वाहन मानक से अधिक ऊंचा व चौड़ा पाया जा रहा है। किसी वाहन में अतिरिक्त सीटें लगाई गईं हैं। लाइट, एंडीकेटर, डिपर लाइट, इंजन की स्थिति के साथ अन्य मानक भी आधे अधूरे पाए जा रहे हैं। खामियां दुरुस्त कराने की सलाह देने के बाद भी लोग बिना खामियां दूर कराए ही पहुंच जाते हैं। जिन्हें स्वचलित चेकिंग में फेल कर दिया जाता है। वहीं बिना फिटनेस के ही वाहन फर्राटा भी भर रहे हैं।
वर्जन.............
एटीएस सेंटर पर आने वाले वाहनों की पहले जांच कर कमी को देख पूरा करने को कहा जाता है। इसके बाद स्टेशन में फिटनेस के लिए भेजा जाता है। यहां स्वचालित मशीनों से वाहनों की जांच होती है। इससे फर्जीवाडे़ पर रोक लगी है।
- आशुतोष शर्मा, एटीएस सेंटर हेड