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गुफा से होकर माता के दर्शन को पहुंचते हैं भक्त, लेकिन ये कटरा नहीं 'कानपुर का वैष्णोदेवी मन्दिर' है

Thu, 28 Sep 2017 09:13 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर का वैष्णोदेवी मन्दिर
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मां के भक्तों की ये इच्छा होती है कि वो मातारानी के दरबार "वैष्णो धाम" जाकर दर्शन करें। लेकिन कुछ कारणवश जम्मू-कटरा स्थित दरबार न जा पाने वालों को निराश और हताश होना पड़ जाता है। लेकिन अब उन्हें निराश होने की कोई आवश्यकता नहीं है। जम्मू की तर्ज पर यूपी के कानपुर शहर में मां वैष्णो देवी का एक अनोखा दरबार बना हुआ है। जहां आपको जम्मू की तरह ही गुफाओं के बीच से निकल कर जाना पड़ेगा। कानपुर के वैष्णो देवी मंदिर की सबसे बड़ी खासियत तो ये है कि यहां 1000 हाथ वाली देवी मां की मूर्ति मौजूद है।
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वैष्णो देवी मंदिर की गुफा

कानपुर का वैष्णोदेवी मन्दिर
उत्तर प्रदेश के कानपुर में माता वैष्णो देवी मंदिर के अंदर एक गुफा बनी है। यहां नवरात्रि में दूर-दूर से भक्तों की भीड़ आती है और गुफा से गुजरने के बाद माता के दर्शन कर मनचाहे फल की प्राप्ति हो जाती है। यहां के बर्रा इलाके के दमोदर नगर में वैष्णो देवी मंदिर बना हुआ है। मंदिर का निर्माण बुलंदशहर से आए माता के भक्त जयदेव सिंह राणा द्वारा सन् 2000 में दुर्गा मां से मांगी गई एक मन्नत पूरी होने पर करवाया गया था।

मंदिर का बाहरी दृश्य

कानपुर का वैष्णोदेवी मन्दिर
हालांकि की मंदिर की देखरेख में लगे छुन्ना के मुताबिक इसे बनवाने के पीछे जयदेव राणा को एक सपने में माता के आने को भी मुख्य कारण बताया जाता है। पूरे मंदिर में करीब 900 भगवान की मूर्तियां स्थापित हैं और यहां पर एक मात्र हजार हाथ वाली माता महिसासुर मर्दानी की मूर्ति भी विराजमान है। जिसका दुर्गा सप्तसती में वर्णन भी किया गया है। 

गुफा का प्राकृतिक रूप

कानपुर का वैष्णोदेवी मन्दिर
गुफा को प्राकृतिक रूप दिए गया है। गुफा में प्रवेश करते ही ऐसी अनुभूति होती है, मानों कि देवी मां साक्षात दर्शन दे रही हों। यह मंदिर पूरी तरह से जम्मू में विराजमान वैष्णो देवी मंदिर जैसा प्रतीत होता है। 
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देवी मां की विशेष मूर्ति

कानपुर का वैष्णोदेवी मन्दिर
इस मंदिर में 1000 हाथ वाली देवी मां की विशेष मूर्ति के अलावा सभी पुराणों का सार भी यहां मौजूद है। जो गरीब लोग जम्मू नहीं जा सकते वो यहां आकर उसी तरह का आनंद प्राप्त करते हैं जैसा जम्मू में मिलता था। मान्यता है कि मंदिर के मुख्यद्वार पर चुन्नी बांधकर तीन गांठ लगाकर छोड़ देने देवी मां सभी मुराद पूरी कर देती हैं।  
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