मोहित यादव के भाजपा में जाने की अटकलें करीब सालभर से चल रही थीं। पिछले साल अपने दादा चौधरी हरमोहन की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सपा के मुखिया अखिलेश यादव की जगह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था।
खांटी सपाई रहे चौधरी हरमोहन सिंह यादव की तीसरी पीढ़ी के नेता मोहित यादव ने परिवार से बगावत कर शुक्रवार को भाजपा का दामन थाम लिया। जबकि, उनके पिता राज्यसभा सदस्य चौधरी सुखराम सिंह यादव अब भी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पद चिह्नों पर चलते हुए उनसे ही जुड़े रहने की बात कह रहे हैं। सुखराम में सपा के कोटे से ही राज्यसभा सदस्य हैं।
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मोहित यादव के भाजपा में जाने की अटकलें करीब सालभर से चल रही थीं। पिछले साल अपने दादा चौधरी हरमोहन की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने सपा के मुखिया अखिलेश यादव की जगह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था।
उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और अन्य बड़े नेताओं ने चौधरी सुखराम व उनके बेटे मोहित यादव के इस फैसले का स्वागत किया था। मोहित के शुक्रवार को भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल होने से यादव के गढ़ में भाजपा ने बड़ी सेंध लगा दी।
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बताया जा रहा है कि भाजपा मोहित को पिछड़ों का वोट सहेजने की जिम्मेदारी दे सकती है। सूत्रों का कहना है कि मोहित को एमएलसी चुनाव में प्रत्याशी भी बनाया जा सकता है।