कानपुर। चकेरी थानाक्षेत्र के रामादेवी स्थित शक्तिनगर में सोमवार देर रात शराब पीकर घर पहुंचे युवक ने मां की डांट से क्षुब्ध होकर पहले डाई पी और फिर फंदा लगाकर जान दे दी। परिजन उसे कांशीराम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
माघवेंद्र प्रताप सिंह (32) सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करते थे। दो साल पहले उनकी शादी भीतरगांव के बेहटा गंभीरपुर निवासी रोशनी से हुई थी। पिता जितेंद्र सिंह ने बताया कि माघवेंद्र ने एमएससी, बीएड, सीटीईटी और बीटीसी की पढ़ाई की थी। उन्होंने 12 अक्तूबर को शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन भी किया था। सरकारी नौकरी की तैयारी के तनाव में वह शराब पीने लगे थे।
सोमवार रात नशे में घर पहुंचने पर मां सुमन ने उन्हें डांट दिया। इसके बाद वह कमरे में चले गए और आत्मघाती कदम उठा लिया। उनके भाई सूरज प्रताप सिंह सरसौल में राष्ट्रीय ग्रामीण मनरेगा मिशन विभाग में सहायक विकास अधिकारी हैं।
ताऊ अधिवक्ता राजेंद्र कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस रात एक बजे तक नहीं पहुंची। पोस्टमार्टम न कराने की मांग अनसुनी होने पर परिजनों ने हंगामा किया। इसके बाद रात करीब तीन बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। चकेरी इंस्पेक्टर अजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।