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उच्च प्राथमिक विद्यालय खुले, आठ माह बाद लौटी रौनक

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कानपुर देहात। आठ माह बाद स्कूलों में फिर से बच्चों की चहक सुनाई दी। हालांकि पहले दिन बच्चों की संख्या पंजीयन के सापेक्ष एक चौथाई से भी कम रही। गेट पर हाथ सैनिटाइज कराने के साथ कक्षाओं में दो गज की दूरी में बच्चों को बैठाया गया। मध्याह्न भोजन के दौरान भी बच्चों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए बैठाया। शिक्षकों ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने पर जोर दिया।
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अकबरपुर ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय माती में एक भी बच्चा नहीं पहुंचा। वहीं पातेपुर विद्यालय में भी बच्चे नहीं थे। दोनों स्कूलों में केवल हेड मास्टर मिले। पातेपुर में हेड मास्टर रानी देवी ने बताया कि दो छात्राएं आई थीं। वह चली गई हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय झींझक में कक्षा 6 से 8 तक पंजीकृत 142 बच्चों के सापेक्ष केवल 15 मौजूद मिले।
कृपालपुर, शाहपुर, परिजनी में 10 से 15 बच्चे स्कूल पहुंचे। मध्याह्न भोजन में इन स्कूलों में कहीं दाल चावल तो कहीं सब्जी चावल खिलाया गया। संदलपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय सुरासी में 79 के सापेक्ष 15, बहबलपुर में 82 के सापेक्ष 13, संदलपुर में 81 के सापेक्ष केवल चार छात्र स्कूल गए।
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शिक्षकों ने गेट पर सभी के हाथ सैनिटाइज कराए। फिर कक्षा में प्रवेश दिया गया। कक्षाओं में दो गज की दूरी में बैठाया गया। पहले दिन अधिकांश स्कूलों में बच्चे नहीं पहुंचे।
विद्यालय परिसर में जलभराव व खड़ी दिखी घास
सिकंदरा/पुखरायां। राजपुर ब्लॉक के साकिन बुजुर्ग के उच्च प्राथमिक विद्यालय के परिसर में बारिश का पानी भरा है। साथ ही बड़ी घास खड़ी है। इससे जहरीले कीड़े होने का डर है। मंगलवार को विद्यालय में एक भी छात्र नहीं पहुंचा। हेड मास्टर मंजूलता बाजपेई व रसोइयां मौजूद मिलीं। हेड मास्टर ने बताया कि परिसर में जलभराव व कीचड़ होने से बच्चे नहीं आए। विद्यालय परिसर खाली होने से जलभराव की समस्या हो जाती है।
बताया कि कई बार उच्चाधिकारियों को समस्या से अवगत कराकर मिट्टी पुराई कराने की मांग की गई है। वहीं पुखरायां कस्बे के मीरपुर स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय भवन में बारिश का पानी भरा हुआ है। जिससे मंगलवार को विद्यालय खोला नहीं जा सका। प्रधानाध्यापक शकुंतला ने बताया कि विद्यालय में हर साल पानी भर जाता है। इससे कागजात व राशन आदि खराब हो गया।
अभी पानी दो फिट से अधिक भरा हुआ है। प्रधानाध्यापक अन्य शिक्षकों के साथ गांव में ही एक घर के दरवाजे बैठी रहीं। नगरपालिका अध्यक्ष सत्यप्रकाश संखवार ने बताया कि पानी निकासी का रास्ता नहीं है। पंपिंग मशीन से पानी निकलवाया जाएगा। प्रधानाध्यापक यदि विद्यालय संचालन के लिए भवन की मांग करेंगी तो मुहैया कराया जाएगा।
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विद्यालय में नियमित रुप से कम से कम 50 फीसदी बच्चों को बुलाया जाए। जरूरत पड़े तो दो पालियों में कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। पहले दिन की वजह से छात्र संख्या कम रही है। जल्द ही संख्या बढ़ेगी। - सुनील दत्त, बीएसए
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