जलवायु परिवर्तन का है असर
सीएसए के मौसम प्रभारी डॉ. पांडेय ने बताया कि जलवायु परिवर्तन का ऐसा ही असर होता है। मौसमी गतिविधियां बहुत तेजी से बदल जाती हैं। उन्होंने बताया कि चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र तो बना ही हुआ है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी आ गया है।
विभिन्न प्रांतों में बनी है बादलों की श्रृंखला
यह अभी अफगानिस्तान पर है। यह किस रूप में आगे बढ़ता है, इसका असर भी मौसमी गतिविधियों पर आएगा। उन्होंने बताया कि पारा चढ़ने से जमीन और समुद्र तल दोनों पर तपिश का प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही विभिन्न प्रांतों में बादलों की श्रंखला भी बनी हुई है। इसके आगे-पीछे खिसकने से भी मौसम में बदलाव आएगा।
किसान सिंचाईं स्थगित कर दें
मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है कि किसान फसलों की सिंचाई स्थगित कर दें। इसके साथ ही कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें। इस दौरान बुवाई, कीटनाशी दवा का छिड़काव भी न करें। वहीं किसानों का कहना है कि तेज बारिश हुई, तो लाही की फसल को अधिक नुकसान होगा।
तापमान
अधिकतम - 27.4 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम - 16.6 डिग्री सेल्सियस