कानपुर में शीतलहर से हार्टअटैक के साथ ब्रेन अटैक के रोगी भी बढ़ गए हैं। रोगियों को अचानक चक्कर आता है और स्थिति बिगड़ जा रही है। हैलट अस्पताल की इमरजेंसी में सबसे अधिक ब्रेन अटैक के रोगी भर्ती हैं। कॉर्डियोलॉजी में भी हृदयरोगी एंजाइना की शिकायत लेकर आ रहे हैं। मंगलवार को पांच और रोगियों की मौत हो गई।
सांस के रोगियों की भी हालत बिगड़ रही है। कई रोगियों को गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती किया गया है। सांस के रोगियों को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। माहौल में गलन बढ़ने के साथ अनियंत्रित ब्लड प्रेशर के रोगियों की तबीयत बिगड़ रही है। मंगलवार को चकेरी के रहने वाले राजेश्वर (64) की हार्टअटैक से मौत हो गई।
दो माह पहले दिल्ली के एक अस्पताल में उनकी बाईपास सर्जरी हुई थी। सोमवार रात अचानक तबीयत बिगड़ी और तड़के मौत हो गई। इसी तरह नौबस्ता के रामकिशोर (58) की ब्रेन अटैक से मौत हुई। उन्हें पहले क्षेत्र के नर्सिंगहोम में भर्ती किया गया था। बाद में हैलट ले जाते समय एंबुलेंस में ही मौत हो गई।
रावतपुर की दमा रोगी रामकली (67) की दोपहर में मौत हुई। परिजन उन्हें लेकर डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल आए थे। आईसीयू न होने से उन्हें हैलट भेजा गया। इसी दौरान रोगी की मौत हो गई। इसी तरह कल्याणपुर के दमा रोगी रामअवतार (55) की मौत हो गई। उन्हें गुर्दे की भी दिक्कत थी। इसके अलावा एक मरीज की मौत कॉर्डियोलॉजी में हुई।
मंगलवार को यहां 64 हृदय रोगियों को भर्ती किया गया। इसके अलावा 40 की सर्जरी की गई। हैलट और उर्सला की ओपीडी में फ्लू रोगियों की भरमार रही। साथ ही बच्चों में निमोनिया और वायरल डायरिया के रोगी बढ़ रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, गुर्दे और लिवर के रोगी ठंड से बचाव करें। सर्द-गर्म के एक्सपोजर से रोगियों को दिक्कत हो जा रही है।