चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार जमीन से उठने वाली उष्मा अधिक ऊंचाई तक ऊपर नहीं जा पा रही है। ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी नहीं हो रही है।
लोग धूप की तपिश देखते ही आसमान में बादल खोजते रहते हैं.. और कहते हैं आखिर कब होगी बारिश...। बारिश तो फिलहाल दूर है लेकिन इस बार नौ तपा खत्म होने के बाद भी गर्मी पीछा नहीं छोड़ती दिख रही है। रविवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इस सीजन का यह सबसे अधिक तापमान है। हवा की नमी सूखकर आठ प्रतिशत पर आ गई है।
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इसकी वजह से अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना भी नहीं दिख रही। मौसम विभाग के अनुसार तापमान बढ़ने और नमी कम होने की वजह से दिन के साथ रात में भी हवा में जलन बढ़ गई है। गर्मी की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। इस बार मार्च से लेकर मई तक अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक गया था।
25 मई से दो जून के बीच नौ तपा के दौरान भी अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री रहा। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार जमीन से उठने वाली उष्मा अधिक ऊंचाई तक ऊपर नहीं जा पा रही है। ऐसे में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी नहीं हो रही है। यही वजह है कि जून के पहले सप्ताह में पूर्व के वर्षों में होने वाली प्री मानसूनी बारिश इस बार संभव नहीं हो पा रही है।