नीट और यूपी कैटेट की परीक्षा पास कराने का ठेका लेने वाले सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ कर पुलिस ने गोमती नगर लखनऊ के जिस आरोपी को जेल भेजा है, उसकी वहां गुमशुदगी दर्ज है। अखबार में खबर पढ़ने के बाद परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया, तब इसकी जानकारी हुई।
लखनऊ पुलिस को रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है, इसके आधार पर गुमशुदगी की रिपोर्ट की फाइल बंद होगी। बजरिया पुलिस ने 30 सितंबर को सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़ कर डॉ. अवध बिहारी, डॉ. सचिन मौर्य, अमित जायसवाल, राकेश वर्मा, महफूज, वेद रतन और धीरेंद्र को जेल भेजा था।
पुलिस का दावा है कि बिचौलिया वेद रतन अभ्यर्थियों को फंसा सरगना के पास ले जाता था। उसके वकील शिवकांत दीक्षित ने बताया कि 28 सितंबर को उसे कानपुर पुलिस ने उठाया था। दूसरे दिन तक जब वेद रतन का कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों ने गोमती नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इधर 30 सितंबर को कानपुर पुलिस ने गैंग का खुलासा किया। तब परिजनों को उसके बारे में जानकारी हुई।
तीन नाम और बढ़े, सरगना नहीं आया हाथ
खुलासे के वक्त पुलिस ने सरगना भोला शंकर, सतेंद्र और जानकी त्रिवेदी को फरार बताया था। तब से इन आरोपियों का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। जांच में साहिल सोनकर, शैलेश और अनूप पटेल का भी नाम सामने आया है। सीओ सीसामऊ त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।