उत्तर प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में सत्र 2019-20 (जुलाई 2019 से दिसंबर 2020) में मात्र 29.7 प्रतिशत छात्रों को ही नौकरी मिल पाई है। बीते चार सालों में कभी भी प्लेसमेंट का आंकड़ा इतना कम नहीं रहा है।
प्राविधिक शिक्षा बोर्ड ने छात्रों को नौकरी दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल (यूपीएसटीपीसी) का गठन सितंबर 2019 में किया था। सेल का काम ज्यादा से ज्यादा छात्रों को नौकरी दिलाना था। पॉलिटेक्निक के छात्रों ने सेल के पोर्टल पर पंजीकरण भी कराए थे।
कहा गया था पोर्टल पर पंजीकृत 80 प्रतिशत छात्रों को नौकरी दिलाई जाएगी। वहीं, बोर्ड ने मेधा फाउंडेशन को छात्रों की ट्रेनिंग और प्लेसमेंट का जिम्मा भी सौंप रखा है। इसके बावजूद प्लेसमेंट का प्रतिशत इतना गिर गया।
वर्ष उत्तीर्ण छात्र इतनों को मिली नौकरी प्रतिशत
2015-16 17591 7458 42.39
2016-17 19442 8251 42.43
2017-18 20932 9259 44.23
2018-19 26414 10859 41.10
2019-20 24432 7267 29.07
कोरोना की वजह से लॉकडाउन में प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों में भर्ती प्रक्रिया कम हुई है। आने वाले वर्ष में प्रदेश के सभी संस्थानों के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा कंपनियों से संपर्क करने को कहा गया है। 2019-20 के जिन छात्रों को नौकरी नहीं मिली है, उनको नौकरी दिलाने के लिए भी प्रयास किया जाएगा।
मनोज कुमार, निदेशक, प्राविधिक शिक्षा उप्र