आईआईएम इंदौर स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कानपुर शहर को स्मार्ट बनाने का काम करेगा। शुक्रवार को नगर निगम के स्मार्ट सिटी कार्यालय में आईआईएम इंदौर के साथ कानपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड, पुलिस कमिश्नरेट और केडीए के बीच एमओयू हुआ है। इसके तहत आईआईएम अपने प्रबंधन के बेहतर तरीकों से शहर के यातायात और शहर को साफ करने का काम करेगा।
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आईआईएम के निदेशक डॉ हिमांशु राय ने कहा कि वह इसी शहर के रहने वाले हैं दशकों पहले शहर अभी से ज्यादा साफ था और यातायात भी बेहतर था। गांव से शहरों की ओर पलायन होने पर बढ़ती आबादी से हालत बिगड़ी है, जिसको बेहतर बनाने के लिए वह काम करेंगे। बताया कि आईआईएम इंदौर सामाजिक रूप से जागरूक संस्थान बनने की ओर काम कर रहा है।
आईआईएम में नियुक्ति के दौरान एयरपोर्ट से संस्थान तक जाने में बिगड़े यातायात की वजह से उनको 45 मिनट लगे थे, जिसके बाद उन्होंने शहर के यातायात पर काम किया परिणाम स्वरुप अब वहां का यातायात बेहतर है। शहर के लिए कई प्रोजेक्ट तैयार हो चुके हैं, जिनको आने वाले महीनों में लागू किया जाएगा। स्मार्ट सिटी के कामों की मॉनिटरिंग भी आईआईएम द्वारा की जाएगी।
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पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने कहा कि शहर में वर्ल्ड की बेस्ट और सेंसर युक्त स्मार्ट पार्किंग है। जिस में प्रवेश करते ही खाली स्थान का पता लग जाएगा। इससे जनता को कैसे लाभान्वित किया जाए और हाय कैसे बने इसके लिए आईआईएम से सहायता ली जाएगी। इस मौके पर नगर आयुक्त शिवशरणप्पा जीएन और केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह आदि मौजूद रहे।
औद्योगिक रूप से विकसित होने के लिए कानपुर बेहतर
आईआईएन के निदेशक ने बताया कि शहर औद्योगिक रूप से विकसित होने के लिए बेहतर है। यहां पर इंफ्रास्ट्रक्चर, सेफ्टी और क्वालिटी ऑफ लाइफ विकसित होने की जरूरत है, जिस पर वह काम करेंगे।
स्वच्छ भारत पर आएगा पहला प्रोजेक्ट
इस एमओयू के अंतर्गत सबसे पहला प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शहर की सफाई पर लागू किया जाएगा। आईआईएम के निदेशक ने बताया कि उनको इंफॉर्मेशन, एजुकेशन और कम्युनिकेशन पर काम करना है। वह शहर के अलग-अलग ब्लॉक में जनता की पसंद जानेंगे। उसके बाद यह तय होगा कि कहां पर पोस्टर , वीडियो और ऑडियो की जरूरत है। कहा इस काम के लिए जनता का जागरूक होना सबसे ज्यादा आवश्यक है। वह कूड़ा उठान के लिए शहर की पसंद का एक गाना भी बनाएंगे।
ऐसे स्मार्ट होगा शहर का ट्रैफिक
डॉक्टर राय ने बताया कि बड़े-बड़े शहरों में सड़क किनारे एक शोल्डर बना होता है, जिसमें एक सिंगल वाहन चलता है। शहर की भौगोलिक हालत देखने के बाद शोल्डर बनाने पर काम होगा। स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर बनेगा, जिसमें यातायात के हिसाब से लाइट हरी, पीली और लाल होगी।
राजस्व बढ़ाने का जरिया बताएगा आईआईएम
मंडल आयुक्त डॉ राजशेखर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित आईआईएम की नॉलेज को जनता के उपयोग में आने की बात कही थी, जिसके अनुपालन में यह एमओयू किया जा रहा है। आई आईआईएम ऐसे प्रोजेक्ट लाएगा, जिससे आय के जरिए बढ़ सकें। आईआईएम के बताए हुए राजस्व बढ़ाने के तरीके भी शहर में लागू किए जाएंगे। सरकारी कर्मचारियों को बेहतर काम करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। स्वच्छ भारत के तहत मॉड्यूल डेवलप किया जाएगा, ट्रैफिक जाम और कूड़ा निस्तारण का काम भी किया जाने वाला। केडीए की संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और उनसे आय बढ़ाने के जरिए भी आईआईएम बताएगा। इनोवेटिव टेक्निक, सर्विलांस, इंफोर्समेंट और रिकॉर्ड मैनेजमेंट पर भी काम होना है।
शहर में ही पढ़े हैं आईआईएम इंदौर के निदेशक
डॉ हिमांशु राय ने बताया कि उनका जन्म मरियमपुर अस्पताल में, शिक्षा जयपुरिया और केवी अरमापुर में हुई है। वह शहर से भलीभांति परिचित हैं।
एमओयू के तहत होंगे यह काम
- इंदौर के स्वच्छता मॉडल को अपनाया जाएगा
- स्थाई और अस्थाई स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित करने के लिए योजना बनेगी
- निर्माण कार्यों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए प्लेटफार्म तैयार किया जाएगा
- शहर को सेफ सिटी बनाए जाने के लिए यातायात प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी
- स्वच्छ भारत मिशन और नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के कुशल क्रियान्वयन के लिए कार्यक्रमों और प्रबंध आदि का संचालन होगा
- नगर निकाय से आम जनमानस को मिलने वाली डिजिटल सुविधाओं के लिए स्मार्ट साल्यूशन तैयार होगा
- बिजली , पानी और सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं के डिजिटलीकरण के लिए एक प्लेटफार्म तैयार होगा
- कई लाभकारी योजनाएं चालू होगी, जिसकी कभी कल्पना नहीं की गई