उत्तर प्रदेश के उरई में तीन दिनों से बाढ़ से जूझ रहे रामपुरा के ग्रामीणों को बचाने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। सुबह से ही जवानों ने राहत कार्य शुरू कर दिया।
ब्लाॅक के बिलौड़, कुसेपुरा, निनवली आदि गावों में बाढ़ में फंसे लोगों को नाव की मदद से जवानों ने निकालना शुरू किया है। बता दें कि सीमा से लगे मध्य प्रदेश के बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण रामपुरा स्थित सिंध नदी उफनाई हुई है।
पुराने मंदिर के पास पीपा का पुल बना था। पानी के तेज बहाव के कारण पीपा का पुल बह गया और जुहीका पर बने पुल से टकरा गया। जिसके कारण पुल के क्षतिग्रस्त होने की भी आशंका है।
जगम्मनपुर के आसपास के नदी तटवर्ती बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर निर्देश दिया कि सुरक्षा के और बंदोबस्त किए जाएं। मोटरबोट एवं छोटी नाव लगाई गई है। यमुना, बेतवा और सिंध नदियां पूरे उफान पर हैं।
जिससे कालपी, कोटरा और रामपुरा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में पानी भरने से बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने घरों से पलायन भी शुरू कर दिया है। मैदानी इलाकों में प्लास्टिक तानकर गुजर बसर कर रहे हैं। अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचकर हर संभव मदद करने की बात कह रहे हैं।