कांग्रेस प्रत्याशी नेहा तिवारी का बड़ा बयान
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खुशी हमारे परिवार में सबसे छोटी थी। हम सबने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी खुशियों को ऐसी नजर लगेगी और जिंदगी ही नरक हो जाएगी। कुछ समय पहले जेल में उससे मुलाकात हुई थी। वह तब बीमार थी और अब भी ठीक नहीं है।
उसके हालात के बारे में सोचकर ही मेरा खून खौल उठता है। बिना गुनाह किए वह सजा भुगत रही है। अब मौका मिला है तो उसे न्याय दिलाने की हसरत लेकर सियासत में आई हूं। नेहा बिकरू कांड के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की नवविवाहिता खुशी की बड़ी बहन हैं।
नेहा ने मंगलवार को नामांकन दाखिल करने के बाद बताया कि सियासत में आने के लिए खुद को मानसिक रूप से मजबूत किया है। कांग्रेस से काफी उम्मीद दिखी, इसलिए इस पार्टी के साथ आई।
राजनीति का ककहरा भी न जानने वाली नेहा कहती हैं कि बहन को इंसाफ दिलाने के लिए सबकुछ सीखूंगी। यह कहते हुए उनकी आंखें डबडबा आईं। वह बोलीं, पिछला डेढ़ साल परिवार के लिए मानसिक यातनाओं से भरा रहा। अब उम्मीद जगी है।
नेहा ने बताया कि शादी के तीन साल बाद ही उनके पति की हादसे में मौत हो गई थी। उनके एक बेटा और बेटी है। ससुराल यशोदानगर में है। जीत-हार पर बोलीं कि सब जानते हैं खुशी निर्दोष हैं, वही आगे मेरा साथ देंगे।
अमर के एनकाउंटर नहीं, खुशी की हालत पर अफसोस
खुशी की मां गायत्री तिवारी ने कहा, जिसको वोट दिया, उसी ने हमारी हालत बद से बदतर कर दी। मेरी बेटी को जबरिया फंसाया गया है। हमें अमर दुबे के एनकाउंटर पर नहीं, खुशी की हालत पर अफसोस है।
गायत्री कहती हैं कि पहले बंदूक के बल पर बेटी से शादी कराई गई। उसके बाद यह कांड हो गया। जब से जेल गई है, उसकी हालत खराब होती जा रही है। उसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य ठीक नहीं है।