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UP Accident: अल्लाह ऐसा क्या गुनाह किया जो मेरे याशिर को छीन लिया, रुंधे गले से बोले दादा- उसे रोका था, पर...

Mon, 05 Aug 2024 11:59 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, इटावा

सार

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार रात लगभग साढ़े 12 बजे कार डिवाइडर को तोड़ते हुए स्लीपर बस से टकरा गई। हादसे में मां-बेटा समेत छह लोगों की मौत हो गई। रायबरेली से दिल्ली जा रही स्लीपर बस अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे पर 30 फीट नीचे खंदी में गिर गई थी।
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Up Accident - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दो माह बाद भाई की शादी है। उसकी तैयारियों को लेकर ही फोन पर बात करते हुए मैं दिल्ली जा रहा था कि इस बीच धमाके के साथ अचानक नीचे गिर पड़ा। यह बात आंखों में आंसू भरे नेपाल निवासी कविलाल ने सैफई में आयुर्विज्ञान विवि में कही।
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उन्होंने कहा कि वह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। दो माह बाद छोटे भाई की शादी है। उसकी तैयारियों को देखने के लिए ही गांव गए थे। दो माह नौकरी करके मालिक से कुछ रुपये लेकर भाई की धूमधाम से शादी करनी है। इसके लिए शनिवार रात रायबरेली से दिल्ली के बस पकड़ी थी।

लगभग साढ़े 12 बजे भाई से फोन पर शादी की तैयारियों को लेकर ही बात हो रही थी कि अचानक बस में धमाका हुआ और मैं नीचे गिर पड़ा। जब तक कुछ समझ पाता तो कुछ लोगों के नीचे दब चुका था। आंख खुली तो बेसुध हालत में खुद को आयुर्विज्ञान अस्पताल में पाया। बताया कि उनका मोबाइल, बैग, रुपये सभी बस में छूट गए। अब दिल्ली तक कैसे जाएंगे इसकी भी चिंता सता रही है।
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गाजियाबाद के ट्रैवल्स के नाम है बस, नागालैंड से कराया है पंजीकरण
शनिवार रात हादसे का शिकार हुई एसी स्लीपर बस नागालैंड से पंजीकृत है। जबकि इस बस के मालिक गाजियाबाद के पते पर एक ट्रैवर्ल्स एजेंसी के नाम से है। यूपी के सख्त नियमों से बचने के लिए संचालक अन्य प्रदेशों में पंजीकरण कराकर तमाम तरह के खेल करते हैं। हादसे का शिकार हुई बस 48 सीटर होने के बावजूद उसमें 60 यात्री भरे थे।
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आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर आए दिन स्लीपर, डबल डेकर बसें हादसों का शिकार बन रही हैं। इनमें से ज्यादातर बसें राजस्थान, मध्यप्रदेश, नागालैंड, पश्चिम बंगाल आदि प्रदेशों से पंजीकृत होती हैं। अधिकांश में जितनी बस की क्षमता है उससे अधिक यात्री बैठाए जाते हैं। जगह-जगह इन बसों को रोककर खुलेआम सवारियां भरी जाती है। इसके बाद भी जिम्मेदार मौन हैं।

नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर एक बस संचालक ने बताया कि यूपी में स्लीपर बस में सीटें कम देने के प्रावधान है। जबकि पंजीकरण की फीस अधिक है। ऐसे में जहां स्लीपर बस की सीटों का अधिक परिमिट और फीस कम होती है। वहां से ट्रांसपोर्टर पंजीकरण कराकर ऑल इंडिया परमिट ले लेता है। एआरटीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि जांच पड़ताल की जा रही है। गाड़ी के पेपर पूरे हैं, लेकिन सवारियां अधिक बैठाने की जानकारी मिली है। इस पर जांच पड़ताल की जा रही है। आरोपी ट्रैवर्ल्स के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

अल्लाह क्या गुनाह किया जो मेरे याशिर को छीन लिया
हादसे की जानकारी होने पर मेडिकल कॉलेज पहुंचे अमेठी निवासी यासिर अल्वी के दादा मो. यासीन ने कहा कई बार हमारा नाती दिल्ली अपनी मौसी के यहां जाने के लिए कहता रहता था। हमने उसे कभी नहीं भेजा था। शनिवार को अचानक से उसका प्लान बन गया। हमने तब भी उसे रोका, लेकिन वह नहीं माना। कहा था जल्दी लौट आएगा। रुंधे गले से बोले अल्लाह ऐसा क्या गुनाह कर दिया जो अपने पौत्र को अपने हाथों से कफन पहनाना पड़ रहा।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हादसा
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शनिवार रात करीब साढ़े 12 बजे बालाजी से घर लौट रहे श्रद्धालुओं की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन (बाएं से दाएं) पर पहुंच गई। इस दौरान रायबरेली से दिल्ली जा रही स्लीपर बस, कार से टकराकर अनियंत्रित होकर एक्सप्रेसवे पर किनारे 30 फीट खंदी में पलट गई। हादसे में कार सवार कन्नौज निवासी मां-बेटे समेत तीन लोगों और बस सवार तीन लोगों की मौत हो गई। 

 

जान गंवाने वाले बस यात्रियों में अमेठी व लखीमपुरखीरी निवासी थे। तीसरे की अभी पहचान नहीं हो सकी है। करीब एक घंटे रेस्क्यू अभियान के बाद पुलिस और यूपीडा की टीम ने कार और बस में फंसे लोगों को निकाला। सभी 42 घायलों को आयुर्विज्ञान विवि में भर्ती कराया गया। हादसे की वजह कार सवार को झपकी आनी बताई गई है।

 

कन्नौज के तालग्राम थाना क्षेत्र के गधइया ऊसर गांव निवास मोनू सिंह (35) अपने 13 वर्षीय बेटे प्रिंस उर्फ रिंकू, मां चंदा (70), दोस्त मोहित यादव (30), तालग्राम कस्बा नौसारा निवासी सचिन (22) व सचिन का भाई प्रद्युम्न (15) के साथ शुक्रवार को बाला जी दर्शन करने के लिए अपनी कार से गए थे। मोनू कार चला रहा था।

 

शनिवार शाम को सभी आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते घर लौट रहे थे। एक्सप्रेसवे पर ऊसराहार थाना क्षेत्र में खरगपुर सरैया के पास किलोमीटर संख्या 129 पर मोनू को झपकी आने से कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए लखनऊ से आगरा वाली लेन पर पहुंच गई।

 
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इस दौरान उस मार्ग (आगरा लेन) पर सवारियों को लेकर रायबरेली से दिल्ली जा रही एसी स्लीपर बस कार से टकराने के बाद एक्सप्रेसवे से नीचे नीचे जा गिरी। बस में करीब 60 से ज्यादा सवारियां थीं। हादसे में बस में सवार याशिर अल्वी (18) पुत्र मेराजय निवासी निखई जेर मस्जिद कासिमपुर जिला अमेठी, लखीमपुखीरी के भड़तरिया गांव निवासी ओमप्रकाश (50) अशर्फी समेत तीन यात्रियों की मौत हो गई।
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