कानपुर में मैच में नो बॉल पर विवाद हो गया। 11 साल के बच्चे ने हमउम्र को ऐसे घूंसे मारे कि वो मर गया। जाजमऊ के एकता पार्क में क्रिकेट खेलने के दौरान दोनों बच्चे भिड़े थे। दोनों की उम्र करीब 11 साल। पुलिस के कहने के बाद भी पीड़ित परिवार ने पोस्टमार्टम नहीं कराया। तहरीर भी नहीं दी।
कानपुर के जाजमऊ में केडीए कॉलोनी एकता पार्क में रविवार को क्रिकेट मैच में नो बॉल को लेकर दो बच्चों में विवाद हो गया। इसके बाद दोनों बच्चे एक-दूसरे का नाम लेकर चिढ़ाने लगे। विवाद इतना बढ़ा कि एक बच्चे ने दूसरे की गर्दन और छाती पर ताबड़तोड़ घूंसे बरसा दिए।
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बच्चा बेहोश हो गया और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने पुलिस के कहने पर भी पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। घटना की तहरीर भी नहीं दी। एकता पार्क मोहल्ले में रहने वाले शाहनवाज के घर में ही उनकी बेटी सारिया और नाती आरिज कमाल (11) भी रहता था।
आरिज के पिता कमाल शहीद टेनरीकर्मी थे, उनकी कुछ साल पहले कैंसर से मौत हो चुकी है। आरिज कक्षा छह का छात्र था। रविवार को वह मोहल्ले में रहने वाले बच्चों के साथ क्रिकेट मैच खेल रहा था। आरिज बॉलिंग कर रहा था, जबकि एक टेनरीकर्मी का 11 साल का बेटा बैटिंग।
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आरिज ने गेंद फेंकी, जिसे बैटिंग कर रहे बच्चे ने नो बॉल कह दी। इसी बात पर दोनों में विवाद होने लगा। साथ में खेल रहे बच्चों ने बताया कि दूसरा बच्चा आरिज को कल्लू चाय वाला नाम से चिढ़ाने लगा। मृतक पिता को भी उल्टा-सीधा कहा। इस पर आरिज ने भी उसे भूरी नाम से चिढ़ाया।
इससे नाराज दूसरे बच्चे ने आरिज को कई घूसे मारे। इसके बाद आरिज बेहोश हो गया। साथी उसे लेकर घर पहुंचे। यहां से परिजन उसे लालबंगला स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर का कहना था कि मौत करीब आधा घंटा पहले ही हो चुकी थी।
आशंका है कि छाती में जोरदार घूंसा लगने से आरिज की मौत हुई है। हालांकि पोस्टमार्टम न होने से सही वजह पता नहीं चल सकी है। उधर घटना की सूचना पर जाजमऊ क्राइम इंस्पेक्टर जावेद खान भी पहुंचे।
इस बीच दोनों परिवारों में समझौते की बात चलने लगी। जावेद ने पीड़ित परिवार से पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि बार-बार समझाने के बाद भी मृतक की मां सारिया कमाल ने पोस्टमार्टम से इन्कार कर दिया।
यह बात उन्होंने खुद लिखकर भी दी। अभी तक तहरीर भी नहीं मिली है। बताया जा रहा कि पीड़ित परिवार के कुछ परिजन चेन्नई में रहते हैं। सोमवार को उनके आने के बाद अंतिम संस्कार होगा। सूचना पर विधायक मोहम्मद हसन रूमी भी मौके पर पहुंचे थे।
पहले पति, अब इकलौते बेटे की मौत से टूट गई सारिया
आरिज की मौत ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। आरिज की मां सारिया का भी रो-रोकर बुरा हाल है। सारिया की वर्ष 2013 में कमाल से शादी हुई थी। कैंसर के चलते कुछ साल बाद ही कमाल की मौत हो गई। अब बेटे की मौत से वह टूट गई है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि बेटे की अच्छी परवरिश के चलते उसने दूसरी शादी भी नहीं की थी। आरिज क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल में कक्षा छह का छात्र था।