फैक्टरी प्रबंधन के कर्मचारियों ने ठेकेदार तालिब के साथ दोनों को जिला अस्पताल भेजा, जहां डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होने पर ठेकेदार वहां से भाग गया। अस्पताल से भेजी सूचना पर अस्पताल चौकी इंचार्ज इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और दोनों शव पोस्टमार्टम हाउस में रखवाए हैं। सीओ सिटी आशुतोष कुमार ने स्लाटर हाउस पहुंच कर जांच की। सीओ ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन के मुताबिक दोनों करीब चार साल से यहां टैंक सफाई का काम करते थे। बुधवार को सफाई के दौरान पेचकस टैंक में गिर गया था। उसे उठाने के लिए छुन्नू नीचे उतरा और वह बेहोश हो गया, राहुल बचाने पहुंचा तो उसकी भी जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत हो गई।
परिवार का था सहारा
मृतक राहुल राजपूत परिवार का सहारा था। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। वह तीन बहनों का इकलौता भाई और मां उमा देवी की बुढ़ापे की लाठी था। तीन बहनों में दो की मौत हो चुकी है। काजल अभी अविवाहित है। उसकी शादी की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। बेटे की मौत से परिजन बेहाल हैं।
चार भाईयों में सबसे छोटा था छुन्नू
घटना का शिकार हुआ छुन्नू चार भाईयों में सबसे छोटा था। अभी उसका विवाह नहीं हुआ था। बेटे की मौत से मां शशि और अन्य परिजन रो रोकर बेहाल हैं।