शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन रविवार को मंदिरों और घरों पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा विधिविधान से की गई। भक्तों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सिद्धपीठों पर दर्शन किए। रविवार को मूसानगर की मुक्तादेवी और कथरी के कत्यायनी मंदिरों में दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।
मंदिर प्रशासन की ओर से सोशल डिस्टेंसिंग कराने के सफल प्रयास किये गए। पुखरायां के मौहर देवी, सिद्धेश्वरी, भोगनीपुर के रामजानकी, देवराहट की कालका देवी, अमरौधा की ज्वालादेवी, सुंदररानी मंदिरों दिनभर हवन पूजन होते रहे। केंद्रीय मंत्री ने सिद्ध पीठ माता मुक्तेश्वरी मंदिर में नवरात्र की द्वितीया के दिन मंदिर में मत्था टेका।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने सबेरे सिद्ध पीठ मुक्तादेवी में मत्था टेका। विधिविधान से पूजा अर्चना करके चढ़ावा चढ़ाया। देश के अमन चैन की प्रार्थना की। कहा कि व्रत पर्व और धार्मिक कार्यक्र्तम हमारी संस्कृति की पहचान है। सनातन काल से लोग नवरात्र में मां आदि शक्ति का पूजन करते चले आ रहे हैं।
नवरात्र पारंपरिक पर्व है। श्रद्धानुसार नवरात्र में लोग हवन, पूजन भंडारे का आयोजन करते हैं। पंडित सुमित तिवारी ने विधि विधान के साथ केंद्रीय मंत्री का पूजन संपन्न कराया। केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव राजेंद्र निषाद, स्वामी कुटिस्थानंद गिरि, साध्वी निर्मल ज्योति, अजय शुक्ला मौजूद रहे।
पुखरायां के आचार्य राममोहन मिश्र ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। जिसका अर्थ आचरण करने वाली देवी होता है। उनके हाथों में अक्षमाला और कमंडल सुसज्जित है। सच्चे से पूजा करने ज्ञान, सदाचार, एकाग्रता, लगन और संयम रखने की शक्ति प्राप्त होती है।