इकलौते थे सारांश और ऋषभ, बेसुध हुए परिजन
सारांश के पिता अर्जुन सिंह असम में रहकर एक कंपनी में कैंटीन चलाते हैं। सारांश भी उनके साथ रहकर काम करता था। परिजनों के मुताबिक तीन फरवरी को सारांश कानपुर बहन पलक के घर आया था। इस दौरान उसके कान में दिक्कत होने लगी। तब से रामादेवी स्थित एक क्लीनिक से उसका इलाज चल रहा था। एक सप्ताह में वह वापस जाने वाला था। मगर इसी बीच जब वह डॉक्टर को दिखाने जा रहा था तो हादसा हो गया।
वह इकलौता लड़का था। इसी तरह ऋषभ कक्षा नौ का छात्र था। परिवार में उसके पिता विवेक मिश्रा, मां अनीता व दो बहनें दीक्षा व लक्ष्मी हैं। विवेक एक मंदिर के पुजारी हैं। इकलौते चिराग बुझने से दोनों परिवार गम में डूब गए हैं।
पीडब्ल्यूडी के जेई की कार से हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक लखनऊ निवासी भारत विजय पाल सिंह पीडब्ल्यूडी में जेई के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में कानपुर देहात में उनकी तैनाती है। वह अपनी आई-20 कार से गुरुवार दोपहर फतेहपुर से कानपुर देहात जा रहे थे। उसी दौरान हादसा हुआ। विजय पाल कार चला रहा था, जिसे हिरासत में लिया गया है।