कानपुर में नवाबगंज स्थित मां उजियारी देवी के मंदिर को शक्तिपीठ कहा जाता है। मंदिर के पुजारी आचार्य रजनीश शुक्ला ने बताया कि आजादी के समय लगाए गए नीम व पीपल के पेड़ आज भी मंदिर प्रांगण में लगे हुए हैं। आचार्य रजनीश ने बताया कि यहां पर सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद मां पूरी करती हैं।
उन्होंने बताया कि आजादी से पहले पीरोड स्थित श्रीनगर में एक सिन्हा परिवार था। उनके मुखिया उजियारीदीन अंग्रेजों के यहां काम करते थे। अंग्रेजी सरकार ने उजियारीदीन के काम से खुश होकर यह जमीन उपहार स्वरूप उन्हें दी थी। इस जमीन पर उन्होंने मां शीतला देवी का मंदिर बनाया।