शव के पास में खून से सनी हुई ईंट व लोअर भी पड़ा हुआ था। सूचना पाकर सीओ दीपक दुबे, छिबरामऊ कोतवाल संतोष कुमार कुशवाहा, विशुनगढ़ थानाध्यक्ष किशन पाल सिंह मौके पर पहुंचे। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। उनका बेटा बहुत ही सरल स्वभाव का था। मानसिक रूप से विक्षिप्त दिव्यांग की हत्या क्यों की गई, उनके समझ में नहीं आ रहा है।
परिजनों ने इंसाफ की मांग को लेकर शव को उठाने देने से इंकार कर दिया। थानाध्यक्ष के समझाने पर परिजन मान गए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोपहर को फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर नमूने एकत्र किए। इस संबंध में सीओ दीपक दुबे ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। विशुनगढ़ थानाध्यक्ष को शीघ्र मामले के खुलासे के निर्देश दिए गए हैं।
चाची की तेहरवीं से पहले उठ गया भतीजे का जनाजा
मृतक देवेंद्र कुमार उर्फ प्राइवेट की चाची पार्वती की मौत कैंसर के चलते 19 मार्च को हो गई थी। उनकी तेहरवीं संस्कार शनिवार को होना था लेकिन उससे पहले ही भतीजे का जनाजा उठ गया। प्राइवेट की मां बिट्टन देवी की मौत साल 2014 में हो चुकी है। वह अपने दो भाई व दो बहनों में तीसरे नम्बर का था और अविवाहित था।
दिन में ही बनवाया था आयुष्मान कार्ड
परिजनों ने बताया कि शनिवार को उनके घर के बाहर कैंप लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाए गए थे। जिसमें देवेन्द्र ने अपना आयुष्मान कार्ड बनवाया था। तब उनको नहीं पता था कि उसको इस सुविधा का कोई लाभ नहीं मिलेगा।