राष्ट्रीय राजमार्ग पर कच्ची सड़क के पास महुआ पेड़ के नीचे दोनों बैठे थे। तभी अतर्रा से बांदा जा रही जेसीबी मशीन ने उन्हें कुचल दिया, उनकी मौके पर मौत हो गई। दोनों के शव अगले हिस्से में फंस गए। जेसीबी चालक भागने के चक्कर में उन्हें दूर तक घसीट ले गया, जिससे शव क्षत-विक्षत हो गए।
घटना के बाद चालक भाग निकला। आक्रोशित ग्रामीणों ने जाम लगाकर हाईवे पर आवागमन ठप कर दिया। जेसीबी को जलाने की भी कोशिश की, लेकिन सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाकर भीड़ को रोक दिया। तहसीलदार तिमराज सिंह व सीओ आनंद पांडेय ने देर तक समझाया, लेकिन ग्रामीण कार्रवाई और डीएम के आने की जिद पर अड़े रहे।
साथ ही, शव नहीं उठाने दिया। कई और थानों का फोर्स बुला लिया गया। इसी बीच वहां से गुजर रहे सांसद आरके पटेल ने ग्रामीणों व परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन दिया और जाम खत्म कराया। लगभग डेढ़ घंटे के जाम में हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गईं।