कानपुर में फ्लू संक्रमण के बाद रोगी वायरल डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर में पानी की कमी होने और संक्रमण के कारण रोगियों को एक्यूट किडनी इंजरी (एकेआई) हो जा रही है। कुछ रोगियों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।
डॉक्टरों ने उन्हें डायलिसिस की सलाह दी है। इसके अलावा दो रोगियों की हार्टअटैक से मौत हो गई है। सोमवार को हैलट ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार के रोगियों की संख्या अधिक रही। 11 रोगियों को इमरजेंसी में भर्ती किया गया। एक महिला गुर्दा रोगी को वेंटिलेटर पर भर्ती किया गया है।
हैलट में दो रोगी बेहोशी की हालत में लाए गए। उन्हें सांस फूलने की शिकायत थी। सीनियर नेफ्रोलॉजिस्ट प्रोफेसर डीके सिन्हा का कहना है कि यह कोविड नहीं है। वायरल संक्रमण पेट से गुर्दों और फेफड़ों में जा रहा है। एक रोगी को आठ दस्त आए और गुर्दे फेल हो गए, निमोनिया हो गया। वह वेंटिलेटर पर है।
वहीं मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ जेएस कुशवाहा का कहना है कि अभी बुखार, खांसी के रोगी आ रहे हैं। गुर्दे, लिवर और पेट में संक्रमण रहता है। वहीं आर्यनगर के रोगी जितेंद्र (50) और नवाबगंज के अनंत कुमार (65) की हार्टअटैक से मौत हो गई। उनका ब्लड प्रेशर एक सप्ताह से अनियंत्रित चल रहा था। इसके अलावा कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में 55 रोगी हार्टअटैक के लक्षण लेकर आए।