ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप भी लगाया है। पिहानी पशु चिकित्सालय की पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुका यादव ने दूसरे क्षेत्र की घटना बताकर उपचार में लापरवाही की है। बताया गया कि एक गंभीर रूप से मिले सारस के चोंच और गर्दन पर ही चोट के निशान थे, इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि एक की मौत के बाद जोड़ा के दूसरे पक्षी सारस ने सिर पटक-पटक कर जान दे दी है। वन विभाग की पिहानी रेंजर नीलम मौर्या ने बताया कि पोस्टमार्टम में सर्दी और शॉक आया है।