60 लाख की बैट्री डिस्चार्ज
थाने में खड़ी बसों के शीशे टूट गए, टायर खराब हो गए। खिड़कियां टूटीं और गेट का ऑटोमेटिक सिस्टम और सेंसर बर्बाद हो गया। सीटें भी धूप और बारिश में सड़ चुकी हैं। ई-बस का सबसे कीमती उपकरण उसकी बैट्री होती है, जिसकी कीमत करीब 60 लाख रुपये होती है। बैट्री डिस्चार्ज हो चुकी हैं।
छूटने के बाद इन्हें चेक कराया जाएगा कि यह मरम्मत लायक भी बची हैं या नहीं। बसों का संचालन और मरम्मत का जिम्मा उठाने वाली कंपनी पीएमआई के जीएम प्रवीण कुमार ने बताया कि हादसों के बाद जो ई-बसें थानों में सीज हैं। उन्हें छुड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी महीने छुड़ा लिया जाएगा। इसके बाद इनकी मरम्मत कराकर रूट पर भेजा जाएगा।
फिलहाल 100 बसों का शहर का कोटा पूरा हो गया है, लेकिन तीन बसों के सीज होने से शहर में 97 बसें ही दौड़ रही हैं। दुर्घटना की वजह से थाने में सीज बसों को छुड़ाने की कवायद चल रही है। -डीवी सिंह, प्रबंधक, ई-बस सेवा