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कानपुर में डेंगू से तीन महिलाओं की मौत, मृतकाें की संख्या 107 हुई, हजारों अन्य करा रहे हैं इलाज

Tue, 19 Nov 2019 12:15 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में पारा लुढ़कने के बावजूद टाइगर (एडीज) मच्छरों के कहर से बीते 24 घंटे में तीन महिलाओं की मौत हो गई। इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है। हैलट, उर्सला, बाल रोग चिकित्सालय में डेंगू जैसे लक्षणों वाले 10 मरीज भर्ती हुए।
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हजारों अन्य मरीज अन्य सरकारी, निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। डॉक्टर इनमें से कई की हालत गंभीर बता रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग डेंगू से सिर्फ तीन मौत होने की बात ही स्वीकार कर रहा है। सिंघा टटिया, चकेरी निवासी ललित यादव की पत्नी ज्योति (29) की हैलट में इलाज के दौरान मौत हो गई।

परिजनों ने बताया कि ज्योति को पांच दिन से बुखार आ रहा था। चकेरी में डॉक्टर को दिखाया, जांच कराने पर डेंगू होने का पता चला। इलाज के दौरान आराम नहीं मिला। डॉक्टरों ने बताया कि बुखार दिमाग में चढ़ गया। हालत गंभीर होने पर उसे हैलट में भर्ती कराया, जहां डेंगू हेंब्रेजिक फीवर होने की बात कही थी।

इसी तरह गोहलियापुर, बिल्हौर निवासी ग्राम प्रधान सारिका कटियार की चाची रामकिशोर (60) एक सप्ताह से डेंगू से पीड़ित थीं। प्रधान पति चंद्रशेखर कटियार ने बताया कि रामकिशोरी का इलाज शहर के कई अस्पतालों में चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। सोमवार दोपहर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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बिल्हौर के ही पिहानी मजबूत नगर गांव निवासी किरण (30) पत्नी लवकुश भी एक हफ्ते से डेंगू से पीड़ित थी। सोमवार को किरण की मौत हो गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से मौत होने का आरोप लगाया है। विभाग की तरफ से गांव में एंटी लार्वा छिड़काव न करने, मरीजों को अच्छी दवाएं न देने का भी आरोप लगाया।

डेंगू से कई लोगों की मौत होने के बावजूद सीएचसी के डॉक्टर और कर्मचारी सक्रियता नहीं दिख रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने जल्द सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बिल्हौर में डेंगू के लिए अलग वार्ड और पीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग की।

उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. अरविंद भूषण ने बताया कि क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों में लगातार कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है और कैंप लगाकर पीड़ितों को दवाएं वितरित की जा रही हैं। उन्होंने दो महिलाओं की डेंगू से मौत की जानकारी से इनकार किया। उधर गुजैनी ए ब्लाक में सरकारी अस्पताल के पीछे वाली गली में दो परिवारों में डेंगू मरीज होने का पता चला है।
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