कानपुर देहात। जिला अस्पताल में ओपीडी बंद कराकर धरने पर बैठने वाले वार्ड ब्वॉय पर गुरुवार रात तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं। रंगदारी मांगने, सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ सेवन क्रिमनल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा में उसे ले जाकर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बार्ड ब्वाय ने कोर्ट में पुलिस पर पीटने का आरोप लगाया।
जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण कराने वाले राम कंस्ट्रक्शन कंपनी के अंकित चुतर्वेदी ने गुरुवार को पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि आठ दिसंबर की रात वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला अपने कई साथियों के साथ उनके पास आया था। इस दौरान 50 हजार रुपये रंगदारी मांगी। मना करने पर पिटाई की इससे कान में गंभीर चोट आई है।
साथ ही जान से मारने की धमकी दी। वह प्रति माह रंगदारी मांग रहा था। रुपये न देने पर बलात्कार के फर्जी मामले में फंसाने के साथ जान से मारने की धमकी दे रहा था। वहीं इंस्पेक्टर विनोद कुमार मिश्रा ने दी तहरीर में कहा है कि वार्ड ब्वॉय रजनीश बेवजह दबाव बनाने के लिए धरने पर बैठ था। उसे समझाने की कोशिश करने में चौकी इंचार्ज अकबरपुर राहुल कुमार व अन्य पुलिस कर्मियों के साथ हाथापाई की।
साथ ही उन्हें इमरजेंसी वार्ड में बंद कर दिया। इसकी सूचना पर पहुंच कर समझाने की कोशिश की तो वह उग्र हो गया। एसडीएम व सीओ से भी अभद्र बर्ताव करने लगा। बल पूर्वक उसे गिरफ्तार किया गया। इस दौरान उसने अंगूठे को चबा लिया। इससे उन्हें चोटें आईं। साथ ही दो सिपाहियों को भी चोट आने का जिक्र एफआईआर में किया गया है।
इंस्पेक्टर ने रजनीश व कुछ अज्ञात साथियों पर मारपीट, सेवन क्रिमनल एक्ट, सरकारी कार्य में बाधा की रिपोर्ट दर्ज कराई है। जबकि तीसरी एफआईआर जिला अस्पताल के वार्ड ब्वॉय अमित कुशवाहा व मनोज अवस्थी ने दर्ज कराई है।
इसमें आरोप है कि वार्ड ब्वॉय रजनीश शुक्ला ने जबरन ओपीडी बंद कराकर मरीजों को बाहर कर दिया था। पर्चे फाड़ दिए थे। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को काम करने से मना किया था। मामले में सरकारी कार्य में बाधा की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
जिला अस्पताल में मेडिकल कॉलेज भवन निर्माण कराने वाले कंपनी के कर्मचारी ने वार्ड ब्वॉय पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया। मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। मामले की निष्पक्ष विवेचना कराई जाएगी। - केशव कुमार चौधरी, एसपी