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Kanpur News: 35 पार उम्र वालों को शादी का झांसा देकर फंसाने वाले तीन गिरफ्तार

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कानपुर। कल्याणपुर के आवास विकास में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट चलाकर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। ये 35 साल से ज्यादा उम्र वालों को शादी का झांसा देकर वसूली करते थे। पुलिस ने गिरोह की सरगना आवास विकास तीन ईडब्लूएस कॉलोनी निवासी अनुराधा त्रिवेदी, बर्रा तीन निवासी विक्रम खूटे और पुराना शिवली रोड निवासी प्रियंका को गिरफ्तार किया है। मौके से 104 प्री-एक्टिवेटेड सिम, 16 कीपैड मोबाइल, नाै कंप्यूटर और सात एंड्रायड फोन बरामद हुए।
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डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि कल्याणपुर के कैलाश विहार में ऑनलाइन मैच पाॅइंट के नाम से एक फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट का ऑफिस चलने की सूचना मिली थी। यहां लोगों को शादी के नाम पर ठगा जा रहा था। इसपर पुलिस ने छापा मारा तो वहां ऑफिस के स्थान पर एक कॉल सेंटर चलता मिला। करीब 20 से अधिक लड़कियां फोन पर बातचीत कर रही थीं। पुलिस ने संचालक अनुराधा व उसके दो अन्य साथियों से पूछताछ की तो पता चला कि आरोपी वेबसाइट में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के जरिये युवतियों की तस्वीर बना कर फर्जी बायोडाटा डालते थे। इसके बाद देश की नामी मैट्रिमोनियल साइट से युवक-युवतियों का डाटा निकाल कर उनसे अच्छा रिश्ता कराने को लेकर संपर्क साधा जाता। 500 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क से शुरुआत होती, इसके बाद मीटिंग से लेकर अन्य खर्चे बताकर 50 हजार से दो लाख रुपये तक की वसूलते थे।


आरोपी लड़की बनकर बनाते थे आईडी
आरोपी नामी मैट्रिमोनियल साइट पर लड़की बनकर अपनी आईडी बनाते थे। इसके बाद वेबसाइट पर मौजूद 35 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुष आवेदकों का डाटा निकाला जाता था। उन्हें फोन कर ऑनलाइन मैच पाॅइंट वेबसाइट पर सस्ते दाम पर अपनी प्रोफाइल बनाने को कहा जाता। उनके राजी होने के बाद एआई जेनरेटेड तस्वीरों वाली युवतियों को मैच करा दिया जाता। फिर रुपयों की वसूली होती थी।
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मीठी-मीठी बातें कर फंसाती कॉल सेंटर गर्ल्स
पुलिस के मुताबिक, लोगों के रजिस्ट्रेशन करने के बाद ऑफिस की आड़ में बने कॉल सेंटर में काम कर रही युवतियों की बारी आती थी। वे फोटो पसंद आने की बात कह बातचीत करती थीं। लड़कियों को हर दिन 100 लोगों को फंसाने का टारगेट दिया गया था। इसके लिए उन्हें बोनस भी मिलता था। आरोपी एनआरआई से लेकर कई राज्यों के लोगों को अपने जाल में फांस चुके हैं। शुरुआती जांच में 1000 लोगों से रुपये हड़पने की बात सामने आई है।

इस तरह होती थी वसूली
आरोपी प्रोफाइल रजिस्ट्रेशन के नाम पर सिर्फ 500 लेने के बाद प्रीमियम सदस्यता के नाम पर 1500-8000 रुपये, प्रोफाइल बूस्ट करने के नाम पर 2000 रुपये, रिलेशनशिप मैनेजर और पर्सनल असिस्टेंस देने के नाम पर 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये और एलीट व वीआईपी मैचिंग के नाम पर 50 हजार से दो लाख रुपये तक लिए जाते थे।
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