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चुनावी रण: इत्रनगरी में 15 उम्मीदवारों के बीच होगी सियासी टक्कर, 13 मई को डाले जाएंगे वोट

Tue, 30 Apr 2024 01:21 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कन्नौज
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कन्नौज द्वार - फोटो : अमर उजाला
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सस्पेंस की चादर हट गई। अब यह साफ हो गया है कि इस बार कन्नौज संसदीय सीट पर 15 उम्मीदवारों के बीच सियासी टक्कर होगी। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 17 पर्चे दुरुस्त पाए गए थे। उनमें से दो लोगों ने अपनी-अपनी दावेदारी वापस ले ली। इस तरह 15 उम्मीदवार मैदान में हैं। सोमवार की दोपहर तीन बजते ही जिला निर्वाचन अधिकारी के कक्ष में बारी-बारी से सभी उम्मीदवारों को उनका चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया।

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दरअसल लोकसभा चुनाव के लिए यहां चौथे चरण के तहत अगले महीने 13 मई को वोट डाले जाएंगे। इसके लिए 18 से 25 अप्रैल के बीच नामांकन प्रक्रिया के तहत कुल 28 लोगों ने अपनी दावेदारी की थी। 26 अप्रैल को जांच के दौरान 11 उम्मीदवारों का नामांकन पत्र खारिज हो गया था। बचे हुए 17 उम्मीदवारों में से दो उम्मीदवारों ने अपना दावा वापस ले लिया। दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होते ही बचे हुए 15 उम्मीदवारों के नाम की लिस्ट जारी कर दी गई।

उसके बाद बारी-बारी से सभी को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि नामांकन से जुड़ी सभी प्रक्रिया पूरी हो गई है। 15 उम्मीदवार यहां हैं। उनको चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया गया है। उन 15 उम्मीदवारों के नाम, तस्वीर और चुनाव चिन्ह के साथ बैलेट यूनिट तैयार करवाई जा रही है। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह, ट्रेनी आईएएस स्मृति मिश्रा, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार आदि मौजूद रहे।

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सुब्रत की पत्नी और आलोक के पिता ने वापस ली दावेदारी
सोमवार को 17 उम्मीदवारों में जिन दो ने अपना-अपना पर्चा वापस लिया है, उसमें सांसद सुब्रत पाठक की पत्नी नेहा पाठक का भी नाम शामिल है। उनकी नाम वापसी की उम्मीद पहले से ही लगाई जा रही थी। पूर्व सांसद रामबक्श वर्मा ने भी अपना नाम वापस ले लिया है। उनके पुत्र आलोक वर्मा अब उम्मीदवार हैं। दोनों ने राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के उम्मीदवार के रूप में नामांकन पत्र दाखिल किया था। सोमवार को रामबक्श वर्मा ने अपनी दावेदारी वापस ले ली।

अब एक ही ईवीएम से होगी वोटिंग
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 17 उम्मीदवारों का पर्चा सही पाया जाने पर प्रशासन को हर बूथ पर दो ईवीएम लगानी पड़ेगी। एक ईवीएम में 16 नाम का ही कॉलम होता है। इसमें 15 उम्मीदवार और आखिर में नोटा का कॉलम होता है। अगर सभी 17 उम्मीदवार मैदान में डटे रहेंगे तो उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर दो ईवीएम लगाना पड़ेगा। दो के नाम वापस लेने से तय हो गया है कि हर बूथ पर सिर्फ एक ही ईवीएम की व्यवस्था करनी होगी।

चुनाव चिह्न के लिए पड़ी लॉटरी
राष्ट्रीय पार्टी के उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित करने के बाद बाकी के उम्मीदवारों को भी आवंटन के लिए बुलाया गया। इसमें राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी से आलोक वर्मा और भारतीय कृषक दल से प्रमोद यादव ने गन्ना किसान चिह्न पर दावा किया था। डीएम शुभ्रांत शुक्ला ने दोनों को बुलाकर लॉटरी से फैसला कराया। आलोक वर्मा के नाम की पर्ची निकलने पर वह निशान उन्हें आवंटित किया गया। प्रमोद यादव को चारपाई चुनाव चिह्न दिया गया।

पार्टी उम्मीदवार और उनका चुनाव निशान
- सपा से अखिलेश यादव को साइकिल
- बसपा से इमराज बिन जफर को हाथी
- भाजपा से सुब्रत पाठक को कमल
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रजिस्ट्रीकृत राजनैतिक दलों के उम्मीदवार
- राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी से आलोक वर्मा को गन्ना किसान
- भारतीय कृषक दल से प्रमोद यादव को चारपाई
- भारतीय किसान परिवर्तन पार्टी शैलेंद्र कुमार को केतली
- भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के सुनील को बांसुरी
- ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक से सुभाष चंद्र को शेर

सात निर्दलीय भी हैं मैदान में
- निर्दलीय इरफान अली एयरकंडीशन
- निर्दलीय पुरुषोत्तम तिवारी को अलमारी
- निर्दलीय भानू प्रताप सिंह को ऑटो-रिक्शा
- निर्दलीय यादवेंद्र किशोर को सेब
- निर्दलीय राज कठेरिया को बेबी वॉकर
- निर्दलीय ललित कुमारी को इस्टेथिस्कोप
- निर्दलीय सनोद कुमार को कैंची
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