इसके साथ ही हास्य कवि प्रताप फौजदार ने हास्य कविताओं से सभी को खूब गुदगुदाया। इसके अलावा सर्वेस अस्थाना, प्रिया श्रीवास्तव, गीतिका वेदिका, एडीएम नागेंद्रनाथ यादव, रीतेश कंचन, अंशुमान पांडेय, बुंदेली लोक कवि पंकज पांडेय, धर्मेंद्र कुमार आदि ने अपनी अपनी रचनाएं पढ़ी।
दो घंटे बाद शुरू हो सका कार्यक्रम
शौर्य उत्सव में गुरुवार की रात आठ बजे से शुरू होने वाला कार्यक्रम अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। कार्यक्रम में लगी साउंड सर्विस और कलाकारों का पैसे का भुगतान न होने से लाइटें बंद कर दी गईं। दो घंटे बाद आयोजन शुरू हो सका।