कानपुर देहात। मंगलपुर के पल्हनापुर गांव में आठ साल पहले चोरी के दौरान महिला की हत्या के मामले में दो अभियुक्तों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय 14वें वित्त आयोग की कोर्ट में चल रही थी।
पल्हनापुर गांव में पांच फरवरी 2012 को रात दो बजे रामभजन के घर में चोर घुसे। खटपट की आवाज सुनकर रामभजन की पत्नी शांति देवी की नींद खुल गई। अंदर जाकर देखने पर चोर बक्शा खंगाले दिखे। शांति देवी ने एक चोर को पकड़ लिया और शोर मचाया तो दूसरे साथी ने पास में पड़ी हसियां से महिला के सीने में कई वार कर दिए।
इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में रामभजन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की विवेचना में गांव के ही विष्णु प्रताप सिंह उर्फ छोटे का नाम सामने आया। वहीं मृतका के बेटे ने भी वारदात के बाद छोटे को भागते हुए देखने का बयान दिया। छोटे ने पुलिस की पूछताछ में बडनापुर गाजीपुर जिला फतेहपुर निवासी रिश्तेदार गुलाब सिंह के भी वारदात में शामिल होने की बात कही।
मामले में विवेचक ने दोनों पर आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय 14 वां वित्त आयोग निजेंद्र कुमार की कोर्ट में चल रही थी।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास व 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अर्थदंड की रकम से आधी राशि बतौर क्षति पूर्ति पीड़ित को देने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं।