कानपुर देहात/झींझक। जिले में डेंगू व बुखार लगातार कहर बरपा रहा है। रैपिड किट से डेंगू पॉजिटिव मिली झींझक कस्बा निवासी महिला की मंगलवार की देर शाम हैलट में उपचार के दौरान मौत हो गई।
उधर भोगनीपुर के जगदीशपुर गांव में बुखार से एक किशोरी की मौत हो गई। वहीं जिला अस्पताल समेत सीएचसी व पीएचसी में बुखार पीड़ित मरीजों ने उपचार कराया। जिले में अब तक डेंगू और बुखार से 38 लोगों की मौत हो चुकी है।
झींझक के सुभाषनगर निवासी मधु (40) पत्नी जयलखन शर्मा को कई दिनों से बुखार आ रहा था। पति जय लखन ने बताया कि वह पत्नी को बारह दिन पूर्व अकबरपुर के एक निजी अस्पताल ले गए।
वहां रैपिड किट से हुई जांच में डेंगू पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। हालत में सुधार न होने पर कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां भी आराम न मिलने पर मंगलवार की शाम हैलट अस्पताल ले गए।
देर रात उपचार के दौरान मधु की मौत हो गई। बुधवार की सुबह शव घर पहुंचने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि महिला की मौत होने की जानकारी मिली है। टीम भेजकर मृतक के परिजनों व आसपास के लोगों की जांच कराई जाएगी।
उधर, भोगनीपुर के जगदीशपुर गांव के अजय सिंह की पुत्री बेबो (13) की भी बुखार से मौत हो गई। जगदीशपुर निवासी लाखन सिंह ने बताया कि नातिन बेबो को तीन दिन पूर्व बुखार आया था। जिसको इलाज के लिए पुखरायां के निजी चिकित्सक के यहां ले गए थे। आराम न मिलने पर बुधवार की शाम जिला अस्पताल लेकर जा रहे थे, रास्ते में उसकी मौत हो गई।
वहीं बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 735 मरीज पहुंचे। सबसे अधिक भीड़ बाल रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन कक्ष में रही। कई मरीज इमरजेंसी में भी एकत्रित रहे। जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में बुखार पीड़ितों का उपचार कर चिकित्सकों ने दवाएं दीं।
महिला की मौत की जानकारी पर टीम को मौके पर भेजा गया था। जांच रिपोर्ट व पूछताछ में पता लगा कि उसका न्यूरो से संबंधित इलाज चल रहा था। एलाइजा टेस्ट न होने के कारण डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ