दो घरों की नालियों से बहने वाले पानी से दो करोड़ की सड़क चौपट हो गई। गोविंदपुरी पुल से उतरने के ठीक बाद गोविंदनगर को जाने वाली रोड पर रोजाना विभागीय अधिकारियों के साथ प्रशासन, सांसद और विधायकों का आना जाना रहता है। किसी ने भी इस बर्बाद होती सड़क की सुध नहीं ली। अब गड्ढों में तब्दील हो चुकी सड़क से यातायात भी प्रभावित होता है।
लंबे समय तक खराब रही इस सड़क को करीब छह महीने पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आगमन की सूचना के चलते आनन फानन में बनाया गया था। उस समय भी सड़क पर इन्हीं दो घरों की नालियों से निकलने वाला पानी बह रहा था।
उस दौरान अधिकारियों ने सड़क तो बना दी, लेकिन पानी का कोई समाधान नहीं किया। दो करोड़ों की लागत से बनाई गई इस सड़क का हाल फिर पहले जैसा हो गया है। सड़क लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड की है। प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता केसी वर्मा का कहना है कि किसी की नाली बंद कराने का अधिकार उनके पास नहीं है। यह नगर निगम का काम है। नाली बंद नहीं होने से सारा पानी सड़क पर बहता रहता है। फिर जाकर उसे ठीक कराया जाएगा।