एसपी दफ्तर के बाहर मौजूद मलासा ब्लॉक क्षेत्र के प्रधान। (संवाद)
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कानपुर देहात। मलासा ब्लॉक के सिहारी गांव में शिक्षक से देर से आने का कारण पूछने पर प्रधान के बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का मामला तूल पकड़ गया है। सोमवार को प्रधानों ने एसपी दफ्तर पहुंच कर घटना से अवगत कराया।
साथ ही प्रधानों ने एसपी को बताया कि इंस्पेक्टर मूसानगर समझौता कराने के नाम पर 50 हजार रुपये मांग रहे थे। रुपये न देने पर अभद्रता की। एसपी ने मामले में निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सिहारी गांव की प्रधान निर्मला देवी ने बताया कि उम्र अधिक होने की वजह से बेटा ओमप्रकाश बतौर प्रतिनिधि के रुप में काम देखता है। गांव के परिषदीय विद्यालय का संचालन समय से नहीं होता है। देर से विद्यालय खुलने पर बच्चे घंटो इंतजार करते हैं।
वहीं बच्चों से ही झाड़ू लगवाई जाती है। इस पर बेटे ने वीडियो बनाकर बीएसए को भेजा। इसकी जानकारी पर विद्यालय की शिक्षक रंजना कुमारी ने फर्जी आरोप लगाकर सरकारी कार्य में बाधा व एससीएसटी एक्ट की रिपोर्ट दर्ज करा दी। बेटे को तत्काल पुलिस पकड़ ले गई और समझौता कराने के नाम पर मूसानगर इंस्पेक्टर ने 50 हजार रुपये की मांग की।
रुपये न देने पर इंस्पेक्टर ने अभद्रता की। इसकी जानकारी रात में ही प्रधानों ने एसपी को दी थी। इसके बाद उसे छोड़ा गया। प्रधानों ने इंस्पेक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। प्रधानों ने कहा कि गांवों में होने वाले मामूली मारपीट के मामले में भी इंस्पेक्टर 50 हजार रुपये की मांग करते हैं।
एसपी ने प्रधान के बेटे पर दर्ज रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिया। इंस्पेक्टर पर लगे आरोपों की भी जांच कराने की बात कही। एसपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि प्रधानों की शिकायत मिली है। जांच कराई जा रही है।