फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: पिता की हत्या के समय तीन माह की थी मासूम

Thu, 20 Aug 2026 01:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
औरैया। दोहरे हत्याकांड में वर्षों के लंबे इंतजार और कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार को न्याय मिल गया। जब इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया था, उस वक्त मृतक मंजुल चौबे की बेटी आराध्या महज तीन माह की मासूम बच्ची थी। वक्त बीतता गया और आज वह छह साल की हो चुकी है।
विज्ञापन

वह शहर के ही एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रही है। जब यह वारदात हुई, तब वह बच्ची इतनी छोटी थी कि उसे सही और गलत की कोई समझ नहीं थी। बुधवार को उसे स्कूल भेजा गया। डेढ़ बजे छुट्टी के बाद घर पहुंची। अदालत से फैसला आने के बाद जब शुभचिंतक और रिश्तेदार वादी के घर पहुंचे, तो घर में चहल-पहल देखकर मासूम ने मासूमियत से वजह पूछी। हालांकि, परिवार ने बच्ची की कोमल उम्र को देखते हुए उसे इस कड़वे सच और दर्दनाक घटना के बारे में कुछ नहीं बताया।
मां ने बस खामोशी से उसे सीने से लगा लिया, क्योंकि दिल ही दिल में अब उसे इस बात का सुकून था कि उसके पति और बेटी के पिता के हत्यारों को कानून ने उनके किए की सजा दे दी है।(संवाद)
विज्ञापन


इन्साफ की घड़ी में उमड़ी भीड़, सपा नेताओं का लगा जमावड़ा
औरैया। छह साल पुराने चर्चित दोहरे हत्याकांड में बुधवार को अदालत का फैसला सुनाया गया। वर्षों के लंबे इंतजार और कानूनी प्रक्रिया के बाद आए इस फैसले को लेकर पूरे जिले में हलचल तेज रही। फैसले की घड़ी नजदीक आते ही कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और वादी व उनके समर्थकों का जमावड़ा लगने लगा।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राजनीतिक व सामाजिक गलियारों में भी दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। निर्णय की खबर मिलते ही सपा जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम के साथ सदर विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौके पर पहुंचे। सपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनका हाल जाना और इस मुश्किल दौर में सांत्वना दी। फैसले के बाद अदालत परिसर में सुरक्षा बलों की सतर्कता बनी रही।(संवाद)
-
गले लगकर रो पड़े दोषी कमलेश का समर्थक
औरैया। दोहरे हत्याकांड में विशेष अदालत द्वारा फैसला सुनाए जाते ही कोर्ट परिसर का माहौल अचानक भावुक और हो गया। वर्षों से चले आ रहे इस हाई-प्रोफाइल मामले में जैसे ही अदालत ने आरोपी कमलेश सहित अन्य आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा का ऐलान किया, वहां मौजूद उसके समर्थकों और विधिक टीम के चेहरों पर निराशा छा गई। फैसला सुनते ही कमलेश का एक समर्थक अधिवक्ता खुद पर काबू नहीं रख सका और कमलेश के सीने में लिपट कर फूट-फूट कर रोने लगा। सजा के ऐलान के बाद बचाव पक्ष के खेमे में सन्नाटा पसर गया। जहां एक तरफ पीड़ित परिवार ने कानून के फैसले पर राहत की सांस ली, वहीं दोषी के समर्थकों में मायूसी साफ नजर आई।(संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें