अंग के अंदर की थ्री डायमेंशनल इमेज दिखाई पड़ती है
न्यूरो इंडोस्कोप से पिटीट्यूरी ट्यूमर और मस्तिष्क के निचले हिस्से की गांठों के साथ ही स्पाइनल कॉर्ड की डिस्क भी निकाली जा रही है। इसमें चीरा नहीं लगता पांच एमएम का छेद करके डिस्क निकाल ली जाती है। रोगी को बेहोश भी नहीं किया जाता। इसी तरह स्क्रू भी लगा दिया जाता है। उन्होंने बताया कि रोबोट के साथ ही ओ आर्म का भी प्रस्ताव दिया गया है। इसमें मस्तिष्क के अलावा स्पाइनल कॉर्ड की सर्जरी में भी आसानी होगी। ओ आर्म आने से स्क्रू और प्लेट लगाने में आसानी होती है। इसमें अंग के अंदर की थ्री डायमेंशनल इमेज दिखाई पड़ती है, जिससे सर्जरी आसानी होती है।
ओपीडी सात सौ, आईपीडी ढाई सौ रोगी
न्यूरो साइंसेस प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि न्यूरो सर्जरी और न्यूरोलॉजी मिलाकर औसत सात रोगी प्रत्येक ओपीडी में आते हैं। इसके अलावा अस्पताल में दो-ढाई सौ न्यूरो रोगी अस्पताल में बराबर भर्ती रहते हैं। 18 जिले के रोगी विभाग में इलाज के लिए आ रहे हैं। हर महीने 20-25 गंभीर रोगियों की सर्जरी होती है। रोगियों की संख्या अधिक होेने की वजह से मस्तिष्क और स्पाइन सर्जरी में महीने-डेढ़ महीने की वेटिंग रहती है।