आठ फरवरी को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया
इसके बाद शव को सुनसान जगह पर फेंक दिया था। डीजीसी दिलीप अवस्थी, एडीजीसी रवींद्र अवस्थी व ओंकारनाथ वर्मा ने बताया कि आठ फरवरी को पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। रमाकांत ने आरती द्वारा ब्लैकमेल कर रुपये ऐंठने व तंग करने के कारण हत्या की बात कबूली थी।
अभियोजन की ओर से 13 गवाह पेश किए गए
तीनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट भेजी गई थी। अभियोजन की ओर से 13 गवाह कोर्ट में पेश किए गए। सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने रमाकांत उर्फ मलाली को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई जबकि राजेंद्र कुमार गौतम व चंद्रकिशोर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
अखबार में छपी फोटो देख भाई ने की थी शिनाख्त
बिठूर के पेम गांव के प्रधान वीरेंद्र कुमार ने दो फरवरी 2018 की रात महिला की लाश पड़ी होने की सूचना बिठूर थाने में दी थी। तीन फरवरी को समाचार पत्र में उन्नाव में अज्ञात लाश मिलने की खबर छपी थी। उन्नाव में रहने वाले आरती के भाई अजय सिंह ने फोटो देखकर पोस्टमार्टम पहुंचकर आरती के शव की शिनाख्त की थी।