मवेशी अस्पताल के पीछे पड़ा था मासूम
काफी देर तक कुछ पता नहीं चला, तो परिजनों ने उसकी तलाश की। तलाश करते हुए परिजन मकान से 500 मीटर दूर मवेशी अस्पताल के पास स्थित झाड़ियों तक पहुंचे। यहां आरव की चप्पलें पड़ी मिलीं और कुछ ही दूर पर उसका खिलौना भी पड़ा मिला। झाड़ियों में कुछ और अंदर जाने पर आरव पड़ा मिला।
चेहरे पर पड़ा था गंदा कपड़ा
उसके चेहरे पर एक गंदा कपड़ा भी पड़ा हुआ था। परिजनों ने फौरन ही आरव को उठाया और शाहाबाद सीएचसी ले गए। यहां से चिकित्सक ने हायर सेंटर ले जाने के लिए कहा, तो परिजन शाहजहांपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिजनों ने रंजिश से इन्कार किया है
परिजन शव लेकर वापस घर पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सीओ हेमंत उपाध्याय, प्रभारी निरीक्षक धीरज शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर परिजनों से जानकारी ली और घटनास्थल का भी जायजा लिया। परिजनों ने किसी से रंजिश की बात से इन्कार किया है।
मां से मांगा था दूध, फिर घर नहीं आया मासूम
भंडारे से वापस आकर आरव घर में खेलने लगा था। इसी दौरान उसने अपनी मां अर्चना से दूध देने को कहा था। मां दूध लेने के लिए रसोई में चली गई थी। इसी दौरान खेलते हुए आरव घर से बाहर निकल गया। मां उसे दूध देने के लिए काफी देर तक आवाज लगाती रही, लेकिन कोई जानकारी न मिलने पर उसने पति को सूचना दी। कौन जानता था कि वह अब वापस आकर दूध नहीं पीने वाला।
मन्नतों के बाद हुआ था आरव का जन्म
अर्चना और हरिओम की शादी के आठ साल बाद आरव का जन्म हुआ था। आरव इकलौती संतान था। आरव के लिए अर्चना और हरिओम ने न जाने कितने व्रत रखे और कितने मन्नतें मांगीं। शुक्रवार को जब चिकित्सक ने आरव को मृत घोषित कर दिया, तो हरिओम और अर्चना बदहवास हो गए।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना के बाद पुलिस सक्रिय हो गई है। मवेशी अस्पताल के पास एक ज्वेलरी शॉप के बाहर लगे सीसीटवी कैमरे के फुटेज भी खंगाले गए। इसमें 1:17 बजे आरव खिलौने के साथ जाता हुआ चंद सेकेंड के लिए नजर आया है। पुलिस यह भी तलाश रही है कि आरव मकान से इतनी दूर कैसे पहुंच गया। प्रभारी निरीक्षक धीरज शुक्ला ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अलग-अलग बिंदुओं पर पुलिस काम कर रही है।