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गुजरात के बिगड़े हालात से कानपुर के कपड़ा कारोबारी परेशान

Tue, 09 Oct 2018 06:08 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

- हालात न सुधरे तो प्रभावित हो सकती है कपड़े की आवक
- हमलों की वजह से ट्रक चालक जाने को तैयार नहीं
- अहमदाबाद में शहर के ट्रांसपोर्टर की लोडिंग अनलोडिंग ठप 
 
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गुजरात पलायन की फाइल फोटो
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विस्तार
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गुजरात के कई शहरों में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले से कानपुर शहर के कपड़ा कारोबारी और ट्रांसपोर्टर चिंतित हैं। कपड़ा कारोबारियों को आशंका है कि हालात न सुधरे तो कपड़े की आवक प्रभावित हो सकती है। वहां की फैक्ट्रियों और मिलों से मजदूरों के पलायन से माल समय पर नहीं मिलेगा। यही हाल ट्रांसपोर्टरों का है। ट्रक चालक गुजरात जाने से कतरा रहे हैं। 
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कानपुर में कपड़े का बड़ा कारोबार है। यहां 70 फीसदी आपूर्ति सूरत और अहमदाबाद आदि जिलों से होती है। इसके बाद शहर से ही माल की आपूर्ति आसपास के 30-40 जिलों को होती है। सोमवार को कानपुर कपड़ा कमेटी की जनरलगंज में हुई बैठक में गुजरात के हालात पर चिंता जताई गई।

कपड़े की आवक कम होने की स्थिति पर चर्चा हुई। बताया गया कि सूरत के एजेंटों ने हालात सामान्य न होने तक माल का परिवहन न हो पाने की आशंका जताई है। कपड़ा कारोबारी सत्यनारायण सिंहानिया बताते हैं कि वे लगातार अपने जानने वालों से हालात पर नजर रखे हुए हैं। 
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गुजरात पलायन की फाइल फोटो
20-25 हजार उत्तर भारतीयों ने छोड़ा गुजरात 
गुजरात के साबरकांठा जिले में 14 महीने की बच्ची से रेप की घटना के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। गांधीनगर, अहमदाबाद, साबरकांठा, मेहसाणा, पटना में यूपी और बिहार के मजदूरों और कर्मचारी वर्ग पर हमले किए जा रहे हैं। इससे उनमें इतना डर बैठ गया है कि वे गुजरात छोड़ने को मजबूर हैं। सोशल मीडिया पर गैर गुजरातियों खासकर यूपी और बिहार के लोगों के लिए नफरत भरे संदेश फैलाए जा रहे हैं। इसका असर सूरत की कपड़ा मिलों और फैक्ट्रियों पर भी देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश भारतीय विकास परिषद के अध्यक्ष महेश सिंह कुशवाहा बताते हैं कि बीते चार दिनों में 20 से 25 हजार कामगार गुजरात छोड़कर जा चुके हैं। इनमें यूपी और बिहार के लोग हैं। फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप हो रहा है। मजदूर न मिलने से माल की लोडिंग अनलोडिंग नहीं हो पा रही है। 

लोडिंग और अनलोडिंग ठप 
यूपी मोटर्स ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के संरक्षक कैलाश चंद्र शर्मा बताते हैं कि अहमदाबाद, बड़ौदा, वापी आदि का फैक्ट्री एरिया बुरी तरह प्रभावित है। यहां से मजदूरों का पलायन हो चुका है। इसी कारण अहमदाबाद में कई ट्रांसपोर्टर फैक्ट्रियों में माल की लोडिंग अनलोडिंग नहीं कर पा रहे हैं। इन इलाकों में उत्तर भारतीय काम पर जाने से कतरा रहे हैं। सूरत से भी पलायन शुरू हो गया है। अहमदाबाद के ट्रांसपोर्टर सीआर शर्मा बताते हैं कि तीन दिन से कानपुर आने के लिए ट्रक खड़े हैं लेकिन माल की लोडिंग नहीं हो पा रही है। 
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