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इस शहर पर बढ़ रहा आतंकी साया, यहां आतंकियों ने कई बार किए हैं धमाके

Fri, 14 Sep 2018 03:28 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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यूपी के कानपुर शहर में आयुध-सैन्य के साथ ही प्रौद्योगिकी संस्थान, एयरपोर्ट, पॉवर हाउस, गैस प्लांट जैसे स्थानों की वजह से जिला आतंकियों और स्लीपिंग माड्यूल्स की गढ़ बन गया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और अन्य आतंकी संगठनों की गतिविधियां तमाम बरा यहां ट्रेस की गई हैं।
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कई आतंकी और आईएसआई एजेंट भी पकड़े जा चुके हैं। कई साल पहले दिल्ली में पकड़े गए आईएसआई के एक एजेंट ने कानपुर में रहकर लंबे वक्त कर रेकी की थी। उसने स्वीकार किया था कि आईएसआई के लिए कानपुर सूचना एकत्र करने का बड़ा हब है।

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आतंकियों ने कई बार किए धमाके
1995 में घंटाघर चौराहे पर साइकिल पर झोले में भरे बमों में धमाका हुआ था। 2001 में आर्य नगर चौराहे पर एक मकान के बाहर लगे मौरंग में कुकर बम फटने बाद के शहर में आतंकी संगठनों के कदम रखने के संकेत मिले। एटीएस ने प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े कई लोगों को पकड़कर जेल भेजा। 2006 में राजीव नगर, कल्याणपुर में एक मकान में विस्फोट हुआ, कई लोग मारे गए।

इस घटना से देश की सरकार हिल गई थी। एटीएस ने बिठूर, सचेंडी, बाबूपुरवा समेत कई स्थानों से आईएसआई एजेंटों को गिरफ्तार किया। 2009 में कौशलपुरी स्थित हनुमान पार्क के पास एक मकान में विस्फोट हुआ। एक बच्ची की जान गई। 2011 में रावतपुर से किदवई नगर जा रहे टेंपो में टिफिन बम फटा। यह मामला भी अभी तक नहीं खुला।
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शहर में दबोचे गए आईएसआई एजेंट
- 12 साल पहले: आईएसआईएस एजेंट मुन्ना पाकिस्तानी बाबूपुरवा से पकड़ा गया।
- 11 सितंबर 2009: सचेंडी से आईएसआई एजेंट इम्तियाज गिरफ्तार।
- 27 सितंबर-2009: बिठूर से आईएसआई एजेंट मोहम्मद वकास पकड़ा गया।
- 18 सितंबर-2011: रांची के दुर्वा में रहने वाला आईएसआई एजेंट फैसल रहमान रेलबाजार से पकड़ा गया। आरोप था कि फैसल भारत की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को भेजता था। 
- जुलाई:2012: सेंट्रल स्टेशन से फिरोज नाम का आतंकी पकड़ा गया।
- अप्रैल-2014:पटना में विस्फोट के मामले में संदिग्ध आतंकी को पनकी स्टेशन से एटीएस ने पकड़ा।

चकेरी में रहते थे आईएसआईएस के आतंकी
कानपुर। जाजमऊ में रहने वाले सैफुल्लाह और उसके साथियों ने पिछले साल भोपाल में भोपाल-उज्जैन पैसेंजर में विस्फोट किया था। घटना में कई लोग जख्मी हुए थे। वारदात के बाद एटीएस ने लखनऊ में सैफुल्लाह को मुठभेड़ में मार गिराया था। इसके बाद एटीएस ने सैफुल्लाह के सात साथियों को जाजमऊ से ही गिरफ्तार किया था। एटीएस ने सैफुल्लाह गैंग से असलाहा और बारूद सल्पाई करने वाले लोगों को भी सलाखों के पीछे भेजा था। मामले में बंद 10 से ज्यादा लोगों की अभी तक जमानत नहीं हुई है।
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