यूपी के हरदोई जिले में वायरल बुखार का प्रकोप चरम पर है। यहां बुखार से 24 घंटे में तीन मासूम बच्चों समेत दस लोगों की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों ने यहां लोगों को इस जानलेवा बुखार से बचने व सतर्क रहने की हिदायत दी है।
हरदोई जिले के संडीला क्षेत्र में बुखार से मौतों का सिलसिला थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। पिछले 24 घंटे में संडीला तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में आठ लोगों की बुखार से मौत हो गई। बुखार की चपेट में आकर जान गंवाने वाले आठ लोगों में से चार एक ही गांव के हैं।
संडीला तहसील क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में कुछ दिनों से लगातार मौतें हो रही हैं। अधिकतर लोगों की मौत बुखार से हुई है। संडीला तहसील क्षेत्र के ग्राम सिकरोहरी निवासी गंगा (18) पुत्री अवधेश, राजवती (40) पत्नी कालीचरण और गुलजार (45) पुत्र कढ़िले लगभग छह दिन से बुखार की चपेट में थे।
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तीन दिन से यह लखनऊ के अलग-अलग प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती थे। गंगा की मौत बुधवार आधी रात के बाद लगभग एक बजे हो गई। राजवती ने गुरुवार की सुबह लगभग पांच बजे दम तोड़ दिया। गुलजार की मौत दिन में लगभग साढ़े बारह बजे हो गई।
घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। ग्राम सिकरोहरी के ही महनूर (20) पुत्र साबिर की मौत लखनऊ में तेज बुखार से उपचार के दौरान गुरुवार दोपहर दो बजे प्राइवेट अस्पताल में हो गई। संडीला तहसील क्षेत्र के ग्राम गोसवा निवासी मुंशी (60) पुत्र कन्हई, डोगवा निवासी मुन्नी (50) पत्नी गजराज और कैलाशा (65) पत्नी केदारी निवासी जरायमलखेड़ा ने पिछले 24 घंटे के अंदर अपने-अपने गांव में बुखार की चपेट में आकर दम तोड़ दिया।
मुंशी और मुन्नी को पिछले चार दिन से तेज बुखार आ रहा था। कैलाशा दो दिन से बुखार से पीड़ित थी। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मलैया निवासी छोटू (5) पुत्र राजेश की मौत बुखार की चपेट में आकर गुरुवार को दोपहर में हो गई। छोटू पिछले तीन दिन से बुखार की चपेट में था। संडीला के एक प्राइवेट चिकित्सक के पास उसका उपचार किया जा रहा था।
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डॉक्टरों ने यहां लोगों को बुखार आने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाने की सलाह दी है। साथ ही कहा है कि घर के आस-पास पानी जमा न होने दें। ठंड़ी चीजों के सेवन से परहेज करें। बुखार आने, गले व बदन में दर्द की शिकायत होने पर बिना लापरवाही बरते डॉक्टर के पास जाएं।