कार्यक्रम खत्म होने के बाद दो बजे घर लौट आई और घर आकर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ समय बाद जब अन्य परिजन घर पहुंचे, तो उसे फंदे में लटका पाया। प्रधान ने बताया कि पिता की मौत के बाद से उसका चाचा बलुवा उर्फ बल्लू ही सभी की परवरिश करता था। वह कानपुर में मजदूरी करता है।
सोमवार के दिन वह कानपुर जा रहा था, लेकिन घर से भतीजी की मौत की सूचना पर उसे बीच रास्ते से ही लौटना पड़ा। बताया कि परिवार की आर्थिक स्थित बहुत कमजोर है। थाना प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।