आयकर विभाग ने शुक्रवार को कानपुर के डेवलपमेंट कोआपरेटिव बैंक की पीपीएन मार्केट व स्वरूप नगर शाखाओं पर छापा मारकर खातों में भारी अनियमितता पकड़ी। पता चला कि नोटबंदी के बाद से अब तक यहां निष्क्रिय खातों में करीब 16 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। जनधन और करेंट एकाउंट, दोनों में गड़बड़ियां हुईं हैं।
आयकर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (जांच) वेदप्रकाश की अगुवाई में असिस्टेंट डायरेक्टर केके मिश्रा, सौरभ आनंद व अभिनव कुमार समेत करीब दो दर्जन अधिकारियों ने बैंकों की दोनों शाखाओं पर छापा मारा। आयकर अधिकारियों ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए हैं। जांच में पता चला कि यहां 50 से अधिक ऐसे जनधन खाते हैं, जिनमें दो या ढाई लाख रुपये से अधिक रकम जमा हुई है।
इसी तरह 15 से 20 करेंट एकाउंट में भी भारी करेंसी जमा की गई। आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि दोनों बैंकों में करीब 5000 एकाउंट हैं। इनमें से सिर्फ 500 खाते ही सक्रिय थे। बाकी में 100 से 500 रुपये तक की रकम ही पड़ी थी। नोटबंदी के बाद इन खातों में तेजी से हजार व पांच सौ की करेंसी जमा हुई। यह पता किया जा रहा है कि किन खातों में कितनी रकम जमा हुई है। माना जा रहा है कि निष्क्रिय खातों में कैश जमा करवाकर पूंजीपतियों ने कालाधन सफेद करने का प्रयास किया है। संदेह वाले खाताधारकों को नोटिस भेजकर आय का स्रोत पूछा जाएगा।