स्वाइन फ्लू के डर से बुधवार को एचबीटीआई के 90 फीसदी बीटेक, एमटेक स्टूडेंट्स ने मध्य सत्र (मिड सेमेस्टर) की परीक्षा का बहिष्कार कर दिया है। निर्धारित समय से परीक्षा शुरू हुई, लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट अनुपस्थित रहे। पूरे कैंपस और हॉस्टल में सन्नाटा पसरा रहा।
इससे एचबीटीआई प्रशासन चिंतित है। प्रशासन का कहना है कि स्टूडेंट के रुख का असर पढ़ाई, एग्जाम और रिसर्च पर पड़ा है। एचबीटीआई की मध्य सत्र की परीक्षा 22 फरवरी तक चलनी है। यह परीक्षा बुधवार से शुरू हुई लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट नदारद मिले।
जो स्टूडेंट एग्जाम देने पहुंचे भी, वह मुंह पर मास्क लगाकर घूमते नजर आए। बमुश्किल 10 फीसदी स्टूडेंट ने परीक्षा दी है। तमाम कक्षाएं ऐसी रहीं, जहां शिक्षक पेपर-कॉपी लेकर पहुंच गए। 30 मिनट तक इंतजार किया लेकिन परीक्षार्थी नहीं आए।
परीक्षा की तारीख पहले से तय थी। इसके बावजूद बुधवार को प्रशासनिक भवन, क्लास रूम और एकेडमिक भवन में सन्नाटा रहा। बताते चलें कि एचबीटीआई के कुछ स्टूडेंट में फ्लू के लक्षण मिले थे। इससे चिंतित अन्य स्टूडेंट ने कॉलेज बंद करने की मांग की थी। कहा था कि परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाई जाए।
इसे लेकर स्टूडेंट और प्रशासनिक अधिकारियों में टकराव की नौबत आ गई थी। बाद में तकनीकी संस्थान प्रशासन ने स्टूडेंट की परीक्षा अलग से कराने का भरोसा दिलाया। तब जाकर मामला शांत हुआ।
दोनों पालियों की परीक्षा में स्टूडेंट की उपस्थिति कम रही है। ज्यादातर स्टूडेंट हॉस्टल छोड़कर अपने-अपने घर चले गए हैं। जिन स्टूडेंट ने परीक्षा छोड़ी हैं, उन्हें बाद में मौका दिया जाएगा। संस्थान में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज नहीं मिला है। भयवश स्टूडेंट क्लास, परीक्षा छोड़कर चले गए हैं।
- प्रो. एके नागपाल, निदेशक एचबीटीआई