मीटर रीडरों और उपभोक्ताओं की साठगांठ से होने वाली यह बिजली चोरी बदस्तूर जारी है। केस्को प्रबंधन बिजली चोरी को रोकने के लिए पूरे शहर में स्मार्ट मीटरों के लग जाने का इंतजार कर रहा है। यूनिट स्टोर कर केस्को को चूना लगाने के मामले में उपभोक्ता पर बिजली चोरी की कोई रिपोर्ट भी नहीं होती है।
बस उसे अपने मीटर में स्टोर हुई यूनिट की स्लैब के आधार पर बिना बिजली बिल और उसका 50 प्रतिशत जुर्माना अदा करना होता है। पकड़े जाने से पहले मीटर बदलने पर अगर रीडिंग कम हो गई है तो यह जुर्माना बेहद कम होता है।
निलंबित अभियंता और कर्मचारी
28 अगस्त को उपभोक्ताओं के घरों में मिले फर्जी मीटरों को लगाने में आठ इंजीनियर-कर्मचारी निलंबित हैं। इसमें दो एक्सईएन वीके सिंह और रजनीश कुलश्रेष्ठ, टेस्ट डिवीजन द्वितीय के सहायक अभियंता मनोज त्रिपाठी और टेस्ट डिवीजन तृतीय के सहायक अभियंता राजकुमार, दो जेई मुलायम सिंह यादव, अनूप कुमार सिंह और दो तकनीशियन योगेंद्र कुमार, महेंद्र यादव निलंबित हैं।
इस मामले की जांच चल रही है। जिन पर आरोप हैं, वह निलंबित हैं। जांच टीम संबंधितों से जवाब लेने के लिए पत्राचार कर चुकी है। इस महीने के आखिरी या अगले महीने की शुरुआत में जांच टीम अपनी रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर प्रबंधन उचित फैसला लेगा। -चंद्रशेखर अंबेडकर, मीडिया प्रभारी, केस्को