कानपुर में पीपीएन कॉलेज और एमजेपी (महात्मा ज्योतिबा फुले) विश्वविद्यालय, रुहेलखंड के शिक्षकों ने अमेरिकन कमल कैक्टस की पत्तियों के रस में एथेनॉल मिलाकर एक स्प्रे तैयार किया है। शिक्षकों का दावा है कि जलभराव में अगर इस स्प्रे का छिड़काव कर दिया जाए तो डेंगू का लार्वा विकसित नहीं हो पाएगा।
खास बात यह है कि इसे घर पर भी तैयार किया जा सकता है। इस मिश्रण को एमजेपी विश्वविद्यालय रुहेलखंड, बरेली के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सौरभ मिश्रा और पीपीएन कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने तैयार किया है।
डॉ. सौरभ ने बताया कि पीपीएन कॉलेज की लैब में लार्वा युक्त पानी में स्प्रे का प्रयोग किया गया तो बेहतर परिणाम आए हैं। यूरेका जर्नल में इस शोध को प्रकाशित होने के लिए भेजा जाएगा। साथ ही नेशनल सेंटर ऑफ डिजीज कंट्रोल, दिल्ली में भी जांच के लिए मिश्रण को भेजने की तैयारी है। डॉ. सौरभ ने बताया कि इस मिश्रण को डेंगू एंटी मेटा मोरफॉसिस स्प्रे नाम दिया गया है।