जीका वायरस को खत्म करने के लिए फॉगिंग
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कानपुर के पोखरपुर में जीका संक्रमण पहुंचना अभी भी चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए सवाल बना हुआ है। जब तक संक्रमण का स्रोत नहीं मिला, इस वजह से जीका को रोकने के लिए पुख्ता रणनीति नहीं बन पा रही है। दिल्ली और लखनऊ से आईं संचारी रोग और महामारी विशेषज्ञों की टीम अभी रुकी हुई है।
बुधवार को तीन किमी के दायरे में हर घर में जाकर बुखार की हिस्ट्री लेने का क्रम जारी रहा। इसके साथ ही बाहर से आने वालों की ट्रैवेल हिस्ट्री भी ली गई। दिल्ली और लखनऊ से आए महामारी विशेषज्ञों की टीम ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के साथ मिलकर माइक्रो प्लान पर काम शुरू कर दिया है।
एयरफोर्स के वारंट अफसर को संक्रमण कहां से मिला? यह किसी की समझ में नहीं आ रहा है। यह शक है कि कहीं पहले से जीका का संक्रमण न रहा हो। जांच के दूसरे चरण में पोखरपुर के आसपास के मोहल्लों में बुखार के रोगियों की जांच के साथ केरल और राजस्थान की भी हिस्ट्री पूछी जा रही है।
अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डॉ. जीके मिश्रा ने बताया कि माइक्रो प्लान पर अमल किया जा रहा है। केरल और राजस्थान से आने वालों की हिस्ट्री लेने कसे कहा गया है। इनकी सूची तैयार की जा रही है। गर्भवतियों के मामले में खासतौर पर एहतियात बरती जा रही है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि रोगी को संक्रमण कहां से मिला है? बाहर रहने वाले रोगियों के परिजनों से भी बात की गई है।