उत्तर प्रदेश के कानपुर में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) दिन पर दिन पांव पसारता जा रहा है। शुक्रवार को हैलट में भर्ती छह मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। इनमें से पांच मरीज कोरोना संक्रमित हैं जो विभिन्न वार्डों में भर्ती हैं। एक नॉन कोविड मरीज है जिसे सांस लेने में दिक्कत होने पर हैलट इमरजेंसी में भर्ती किया गया है।
हैलट में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 12 पहुंच चुकी है। एक दिन पहले मरीजों की संख्या मात्र छह थी। 12 में से पांच ऐसे मरीज हैं जिन्हें कोरोना संक्रमण नहीं हुआ था। डॉक्टर उनकी हिस्ट्री देख हैरान हैं। शुरुआत में ब्लैक फंगस के ऐसे मरीज आ रहे थे जिन्हें कोरोना के कारण न सिर्फ कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था, बल्कि उन्हें ऑक्सीजन और स्टेरॉयड दी गई थी। डायबिटीज भी थी।
लेकिन अब ब्लैक फंगस के नॉन कोविड मरीज आने से डॉक्टर हैरान हैं। संक्रमण का कारण ही नहीं पता चल पा रहा है। शुक्रवार को हैलट इमरजेंसी में भर्ती ब्लैक फंगस की शिकार महिला को सांस लेने में दिक्कत है लेकिन वह नॉन कोविड है। उसकी ऑक्सीजन कम ज्यादा हो रही है। डॉक्टर निगरानी बनाए हुए हैं। छह मरीज ब्लैक फंगस वार्ड (वार्ड नंबर-9) में भर्ती हैं। दो न्यूरो साइंस भवन, तीन मैटरनिटी विंग और एक मरीज इमरजेंसी में भर्ती है।