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Unnao: गलत ट्रेन में बैठ गई थीं बहनें, चलती ट्रेन से कूदीं...चली गई जान, दोनों स्कूल से जा रही थीं घर

Sat, 08 Jul 2023 12:11 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव

सार

Unnao News: सीओ हसनगंज संतोष कुमार सिंह ने बताया कि एक शव का उन्नाव में और दूसरे शव का लखनऊ में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। दोनों को गलत ट्रेन में बैठने की जानकारी हुई, तो चलती ट्रेन से कूद गईं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उन्नाव जिले के नवाबगंज थाना क्षेत्र में स्कूल से घर जा रहीं दो बहनें गलत ट्रेन में बैठ गईं। ट्रेन जब स्टेशन पर नहीं रुकी तो घबराकर दोनों बहनें कूद गईं। बड़ी बहन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि छोटी बहन ने लखनऊ ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ा।

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दोनों पहली बार अकेले ट्रेन से उन्नाव शहर आई थीं। सोहरामऊ थानाक्षेत्र के देवरा गांव निवासी किसान संजय वाजपेयी की 16 वर्षीय बेटी दिव्या उर्फ निष्ठा कक्षा 11 की और 16 वर्षीय सौम्या कक्षा नौ की छात्रा थीं। दोनों ने इसी साल शहर के जीजीआईसी में दाखिला कराया था।
इससे पहले वह जैतीपुर स्थित कुंवर मन्नालाल इंद्राणी इंटर कॉलेज में पढ़ती थीं।  पिता के मुताबिक दोनों पहले दिन स्कूल गई थीं। उन्हें स्कूल में छुट्टी होने की जानकारी नहीं थी। दोनों आठ बजे मेमो से स्कूल गई थीं। दोपहर को दोनों को झांसी पैसेंजर से लौटना था।

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झांसी इंटरसिटी में चढ़ गईं थीं दोनों
स्कूल पहुंचने पर आठ जुलाई तक छुट्टी होने की जानकारी हुई। इसलिए दोनों सुबह 10:40 बजे झांसी पैसेंजर से जैतीपुर जाने के लिए उन्नाव जंक्शन पहुंचीं। लेकिन पैसेंजर पहले जा चुकी थी। इसकी जानकारी न होने पर दोपहर 12:40 बजे झांसी इंटरसिटी उन्नाव पहुंची, तो दोनों उसमें चढ़ गई।

चलती ट्रेन से दोनों कूद गईं
ट्रेन बीच के स्टेशनों पर नहीं रुकी, तब दोनों को गलत ट्रेन में बैठने की जानकारी हुई। जैतीपुर स्टेशन पर भी ट्रेन के न रुकते देख चलती ट्रेन से दोनों कूद गईं। दोनों बहनें चार भाई बहनों में दूसरे और तीसरे नंबर की थीं। बेटी की मौत से मां मुन्नी, छोटा भाई विनायक और बड़ी बहन नित्या बेहाल हैं।

एक साथ दो शव देख परिजन रोने लगे
अचानक दो बहनों की मौत से घर में कोहराम मच गया। एक साथ दोनों के शव देख परिजन बेहाल हो गए। देर शाम तक स्थिति यह हो गई थी परिजनों की आंखों के आंसू सूख चुके थे। मां मुन्नी यही बड़बड़ाए जा रही थी कि चार बच्चों में छोटी-छोटी बातों को लेकर आपस में कहासुनी होती थी। सभी को डांट लगाकर चुप कराती थी।
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जैतीपुर स्टेशन छोड़ने आया था पिता
दोनों बेटियों को स्कूल जाने के लिए पिता उन्हें बाइक से जैतीपुर स्टेशन छोडऩे आया था। उसे क्या पता था कि वह दोनों बेटियों को आखिरी बार छोड़ने आया है। इसके बाद कभी वह उन्हें नहीं छोड़ पाएगा। एक का शव उन्नाव और दूसरे का लखनऊ में होने से वह बेहाल हैं। उसे यह नहीं समझ आ रहा था कि वह क्या करें।
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