बीमार बेटे को चारपाई पर लिटा लुधियाना से पैदल आए
रामादेवी पर थाना प्रभारी ने वाहन का इंतजाम कराकर घर भेजा
कानपुर।
बीमार बेटे को चारपाई पर लिटाकर, चारपाई को रस्सी से बांधकर और कांधों पर टांगकर एक परिवार लुधियाना से यहां तक पैदल चला आया। शुक्त्रस्वार शाम को रामादेवी हाईवे पर परिवार को इस तरह बच्चे को ले जाते हुए देखकर थाना प्रभारी रामकुमार गुप्ता ने उन्हें रोककर बातचीत की। फिर वाहन की व्यवस्था कराकर उन्हें घर भेजा गया।
मध्य प्रदेश के सिंगरौली गांव निवासी राजकुमार लुधियाना में मजदूरी करते थे और वहीं पर परिवार के साथ रहते थे। उनका 15 वर्षीय बेटा बृजेश बीमार था। गर्दन में चोट होने के कारण उसका पैदल चलना मुमकिन नहीं था। लॉकडाउन के बाद परिवार ने लुधियाना से निकलने की ठान ली। बेटे को चारपाई में लिटाने के बाद उसमें रस्सी के सहारे एक बल्ली बांधी। परिवार के साथ गांव के लोगों के मिलाकर कुल 18 लोग थे जो बारी-बारी से उस चारपाई को कंधे पर उठाकर बीमार बेटे को अपने साथ पैदल लेकर घर जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने करीब 50 किमी. का सफर वाहन से तय किया। अधिकतर वाहन चालक बेटे को चारपाई पर लेटा देख उसे साथ ले जाने के लिए राजी नहीं होते थे। शुक्रवार दोपहर बाद उन्हें रामादेवी हाईवे पर रोककर थाना प्रभारी रामकुमार ने खान-पान कराया और उन्हें वाहन में बैठाकर घर पर भेजा।